गांव मातनहेल में ऑक्सीजन बाग के लिए तैयारियां जारी, फेंसिंग का कार्य अंतिम चरण में।
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पर्यावरण संरक्षण की अलख जगाने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से ऑक्सीजन बाग विकसित करने की तैयारियां अंतिम चरण में है। पहले चरण में 9 गांवों में ऑक्सीजन बाग विकसित करने की पहल की जा रही है। 25 जुलाई को विधिवत रूप से गांव खरहर से ऑक्सीजन बाग विकसित करने की पहल हो रही है। वैसे पहले 11 गांवों में ऑक्सीजन बाग लगाने की योजना थी। लेकिन जमीन न मिलने के कारण अब 9 गांवों में तैयारी चल रही है।
डीसी श्याम लाल पूनिया ने संबंधित विभागीय अधिकारियों व सामाजिक दायित्व के तहत भागीदार बन रहे औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधियों की तरफ इस पायलेट प्रोजेक्ट में सक्रिय भागीदारी निभाने पर प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में गांव खरहर, शाहपुर मलिक, रेवाड़ी खेड़ा, मातनहेल, खानपुर खुर्द, सिवाना, तलाव, समसपुर माजरा व कासनी में ऑक्सीजन बाग विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ऑक्सीजन बाग प्रबंधन टीम ने गांवों का दौरा करते हुए बेहतर स्थल का चयन किया और फेंसिग व जल की उपलब्धता के साथ हर पहलू पर पूरा फोकस रखा गया है ताकि पौधरोपण करने के साथ ही उनका संरक्षण प्रभावी ढंग से हो। एडीसी जगनिवास की देखरेख में व ट्री मैन देवेंद्र सूरा के साथ प्रबंधन टीम ने निरंतर हर पहलू पर ध्यान केंद्रित करते हुए ऑक्सीजन बाग विकसित करने में सक्रिय भूमिका अदा की है।
कोरोना महामारी में ऑक्सीजन की महत्ता का सभी को ज्ञान हो गया है, ऐसे में महामारी में जिस प्रकार ऑक्सीजन की आवश्यकता जीवनदायिनी के रूप में सभी को महसूस हुई है, इसी उद्देश्य के साथ अधिक से अधिक पौधे रोपित करते हुए अब हम पर्यावरण संरक्षण में सहभागी बन सकते हैं।