झज्जर। झज्जर वाया छुछकवास दादरी मार्ग पर ओवरलोड वाहन हादसों का कारण बन रहे हैं। इसके बावजूद ओवरलोडिंग का काम रुकने का नाम नहीं ले रहा है। दादरी से छुछकवास होते हुए ओवरलोड वाहन झज्जर शहर के रेवाड़ी बाईपास पर आते हैं। यहां से आगे रेवाड़ी, गुरुग्राम और दिल्ली के लिए सामान लेकर जाते हैं।
सबसे ज्यादा वाहन दादरी की तरफ से निर्माण सामग्री लेकर आते हैं। इस रोड पर पूरे दिन जाम की समस्या भी बनी रहती है। पुलिस प्रशासन की तरफ से इसे रोकने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। इतना जरूर है कि यातायात पुलिस सुबह से रात तक चौक पर खड़े होकर वाहनों को सुचारु रूप से निकालने का काम करती है।
झज्जर की सीमा दिल्ली व गुरुग्राम से लगती है और दोनों ही शहरों में भिवानी, चरखीदादरी, महेंद्रगढ़ आदि जिलों से हर रोज हजारों की संख्या में ट्रक, डंपर व ट्राले बिल्डिंग मेटीरियल सप्लाई करते हैं। इन जिलों से क्रेशर, बजरी व रोडी क्षमता से 3 गुना ज्यादा तक लोड के साथ सड़कों पर ओवरलोड वाहन गुजर रहे हैं।
ओवरलोडिंग को लेकर आरटीए की तरफ से चालान किए जाते हैं। इसके अलावा यातायात पुलिस की तरफ से भी कार्रवाई की जाती है। इसके बावजूद ओवरलोडिंग वाहनों का आवागमन पूरा दिन लगा रहता है। छुछकवास चौक पर कई बार एक-एक किलोमीटर लंबा जाम लग जाता है जिस कारण अन्य वाहनों को भी दिक्कत होती है।
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पिछले दिनों हुई घटनाएं
-5 अक्तूबर 2025 को दादरी की तरफ से आ रहा ओवरलोड ट्रॉला घर में घुस गया था। लोग बाल-बाल बच गए थे लेकिन मकान व दुकानों को नुकसान पहुंचा था।
-अक्तूबर में ही दादरी तोय के पास नेशनल हाईवे पर एक प्राइवेट कंपनी की बस और ट्रक के बीच जोरदार टक्कर हो गई। इस हादसे में बस में सफर कर रहे 52 यात्रियों में से 40 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।
-23 अक्तूबर को झज्जर-ग्वालीसन मार्ग पर तेज रफ्तार ट्रॉला की टक्कर में स्टाफ नर्स ममता की मौत हो गई थी।
-4 दिसंबर को छुछकवास में ट्रॉला की चपेट में आने से महिला रेखा की मौत हो गई थी। इससे गुस्साएं लोगों ने जाम भी लगाया था।
14jjrp15- रेवाड़ी रोड पर मिट्टी भरकर जाता हुआ वाहन। संवाद