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किसान और कर्मचारी नेताओं की गिरफ्तारी पर भड़के कर्मचारी, नौ को किया नजरबंद

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नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते कर्मचारी संगठन के पदाधिकारी। - फोटो : Jhjhar
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झज्जर। 26 व 27 नवंबर की हड़ताल व दूसरी तरफ कृषि कानूनों को लेकर किसान नेता चढूनी के आह्वान पर दिल्ली में जताए जाने वाले आक्रोष से पहले ही हरियाणा पुलिस ने सोमवार देर रात झज्जर जिले के कुछ कर्मचारी व किसान नेताओं को जिला पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इससे आहत होकर मंगलवार को सुबह से सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले विभिन्न विभागों के कर्मचारी जिला मुख्यालय पर एकत्रित हुए और लघु सचिवालय में आक्रोष जताया। इसके अलावा उन्होंने राव तुलाराम चौक पर प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार पुलिस ने नौ लोगों को नजरबंद किया है।
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इधर, बेरी में किसानों के दिल्ली में आंदोलन से पहले बेरी अनाज मंडी एसोसिएशन प्रधान तेजबीर को पुलिस के हिरासत में लेने के बाद मंडी के आढ़ती मंगलवार सुबह भड़क गए। उन्होंने जाम लगाने की कोशिश की तो इसकी भनक स्थानीय प्रशासन को लग गई। सूचना मिलने के बाद बेरी एसडीएम रविंद्र कुमार मंडी में पहुंचे और आढ़तियों को आश्वासन दिया कि एक घंट बाद ही प्रधान को मंडी मेें पहुंच जाएंगे। बावजूद इसके आढ़ती मंडी में धरने पर बैठ गए और उनका कहना था कि ऐसे प्रधान को हिरासत में लेने का क्या मतलब है। प्रधान के हिरासत में लेने के बाद मंडी आढ़तियों ने मंडी में कामकाज बंद कर दिया। उन्होंने कहा कि जब तक मंडी के प्रधान को नहीं छोड़ा जाएगा, तब तक धरना जारी रहेगा। बाद में बेरी एसडीएम रविन्द्र ने आढ़तियों को आश्वासन दिया कि किसी प्रकार का कोई परेशानी नहीं होगी, मंडी में काम शुरू करें।
झज्जर में कर्मचारी उतरे सड़कों पर
कर्मचारी संगठनों ने आक्रोष जताने के दौरान लघु सचिवालय में उपायुक्त व सीएम के नाम दो अलग-अलग ज्ञापन तहसीलदार को सौंपे। बाद में कर्मचारी संगठनों के सदस्य जिलेभर के कर्मचारियों के साथ प्रदर्शन करते हुए राव तुलाराम चौक पर पहुंचे और यहां उन्होंने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। उन्होंने प्रदेश सरकार का पुतला भी फूंका। इस दौरान कर्मचारी नेताओं का कहना था कि सरकार ने अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद कर रहे किसान नेताओं व कर्मचारी नेताओं की गिरफ्तारी कराई है। सरकार ने एक तरह से हिटलर शाही का परिचय दिया है। यह असहनीय है और सरकार को इसका खामियाजा भुगतना पडेे़गा।
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किसान नेताओं ने कहा- सरकार नहीं दबा सकती आवाज
हिरासत में लिए गए किसान नेताओं को सामान्य अस्पताल में कोरोना जांच के लिए लाया गया। उस दौरान किसान नेता बिजेंद्र सहरावत बिरहोड़ ने कहा कि अपने अधिकारों के लिए चाहे कोई भी बलिदान देना पड़े, हम आवाज को बुलंद करेंगे। पुलिस ने रात के समय उन्हें उठा लिया था। इस प्रकार से किसानों की आवाज को सरकार दबा नहीं सकती। फिलहाल पुलिस ने बिरहोड़ से बिजेंद्र सिंह, झामरी से राजेश कुमार व अमित कुमार सहित नौ लोगों को नजरबंद किया है।
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