राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग के सदस्य ईश्वर सिंह ने बृहस्पतिवार को लघु सचिवालय में अनुसूचित वर्ग के लोगों की समस्याएं सुनीं। साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को नियमानुसार समाधान के आदेश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों की बैठक में अनुसूचित जाति से संबंधित चल रही कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि देश के संविधान में अनुसूचित वर्ग को समानता के अधिकार मिले हैं, समाज के सभी वर्गों को बराबरी पर लाने के लिए संविधान में प्रावधान किए गए हैं। अधिकारियों का दायित्व बनता है कि वे अनुसूचित वर्ग के लिए बनाई गई कल्याणकारी योजनाओं का सही तरीके से क्रियान्वयन करें। अनुसूचित जाति की प्रगति में प्रशासन की अहम भूमिका है।
अनुसूचित वर्ग प्रताड़ना के पांच मामले
ईश्वर सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग को झज्जर जिले से अनुसूचित जाति से संबंधित पांच शिकायतें मिली हैं, जिनमें से दो पर आयोग कार्यवाई कर रहा है, बाकि का स्थानीय प्रशासन से समाधान करा दिया है। उन्होंने कहा कि झज्जर जिले में अनुसूचित वर्ग के खिलाफ सबसे कम प्रताड़ना व अन्य मामले प्रकाश में आए हैं। बैठक में अनुसूचित वर्ग के छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति योजना, अंबेडकर होस्टल योजना, इंदिरा गांधी आवास योजना सहित अन्य योजनाओं की विभाग वाइज समीक्षा की गई। आयोग के सदस्य ने कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित आयोग की जिले में यह पहली समीक्षा बैठक है। अनुसूचित वर्ग के लोगों की भलाई और जागरूकता के लिए भविष्य में जिलास्तर की बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में उपायुक्त अनीता यादव, पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार, अतिरिक्त उपायुक्त नरेश नरवाल, एसडीएम बहादुरगढ़ अमरदीप जैन, डीडीपीओ विशाल कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।