बहादुरगढ़। सर्दी बढ़ते ही खांसी-जुकाम के साथ हड्डी और जोड़ों के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। सरकारी अस्पताल में 40 से 50 फीसदी मरीज हड्डी दर्द की समस्या से पीड़ित पहुंच रहे हैं। डॉक्टर उन्हें दवा के साथ पोष्टिक खानपान व देखरेख की सलाह दे रहे हैं। हड्डी रोगियों को धूप निकलने के बाद ही सैर के लिए निकलना चाहिए।
सर्दी ने अपना प्रभाव दिखाना शुरू कर दिया है। अस्पतालों में जहां हड्डी व जोड़ों के दर्द के 5 से 10 फीसदी मरीज पहुंचते थे। वहीं इनकी संख्या 40 से 50 फीसदी पहुंच गई है। नागरिक अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. कुनाल का कहना है कि सर्दी के कारण लोगों के जोड़ों में दर्द व हड्डियों में दर्द होने लगता है। अधिकांश मरीजों में बुजुर्ग लोग शामिल हैं। इन्हें घुटनों में दर्द रहता है। उठने-बैठने में परेशानी होती है। कई अन्य बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को भी हड्डियां में दर्द है। सभी से सर्दी से बचाव करने व प्रोटीन युक्त पदार्थ का सेवन करने की सलाह दी जा रही है।
वहीं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अहिभूषण ने बताया कि सर्दी में बुखार के मरीजों की संख्या कम हो गई है, लेकिन बच्चों में सर्दी खांसी और जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। सांस व दमा के मरीज काफी संख्या में आ रहे हैं। सर्दी लगने पर कई बच्चों को दस्त की समस्या हो जाती है। सर्दी में अभिभावकों को नवजात शिशुओं की विशेष देखरेख रखनी चाहिए। बच्चों को गर्म कपड़ों से ढककर रखना चाहिए। बीमार होने पर तत्काल डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
ये बरतें हड्डी के मरीज सावधानी
-सुबह सैर पर न जाएं।
-अपनी दवा साथ रखें।
-अगर परेशान महसूस हो तो डॉक्टर को तुरंत दिखाएं।
-ज्यादा गर्म कपड़े पहनकर रहें।
-धूप निकलने के बाद योगा या एक्सरसाइज करनी जरूरी है।
-गर्म पानी या गर्म चीज से शरीर के उस हिस्से को गर्माहट दें, जहां हड्डी में दर्द हो।
-ज्यादा बुजुर्ग हैं तो धूप निकलने के बाद घूमना जरूर चाहिए। इससे शरीर में अकड़न की स्थिति नहीं होगी।