कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने राज्य का प्रतिनिधित्व करते हुए सिक्किम के गंगटोक में तीन दिवसीय सम्मेलन में आर्गेनिक खेती पर मंथन किया।
सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्र की भौगोलिक स्थितियों व किसानों की चाह पर भी चर्चा की। किसानों को अधिक लाभ पहुंचाने के लिए क्या तरीके अपनाए जाएं तथा किस तरह से ऑर्गेनिक खेती के साथ किसानों को जोड़ा जाए, इस पर गहनता से विचार किया गया।
उल्लेखनीय है कि डीएसी एडं एफडब्ल्यू द्वारा सिकिक्म के गंगटोक में आर्गेनिक खेती विषय पर तीन दिवसीय सम्मेलन हो रहा है।
सम्मेलन के दूसरे दिन स्वस्थ धरा, स्वस्थ जीवन थीम पर मंथन में विशेषज्ञों ने अपनी जानकारी साझा की। इस सम्मेलन में फसलों के समुचित बीमा की व्यवस्था तथा ई मार्केटिंग पर भी चर्चा की गई। जैविक खेती पर विस्तार से मंथन हुआ।
हरियाणा के कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने इस सम्मेलन में हरियाणा में किए जा रहे प्रयोगों के अलावा पिछले कुछ समय में किए गए विदेष दौरों के दौरान विदेषी व्यवस्थाओं की जानकारी भी सम्मेलन में दी।
धनखड़ ने बताया कि किसानों को जैविक खेती से जोड़ने तथा टपका सिंचाई पद्धति से जोड़ने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जा रहा है। हर खेत को पानी मिले इसके लिए खास प्रकार के पायलेट प्रोजेक्ट को 14 स्थानों पर लागू किया जा रहा है।
धनखड़ ने यह भी बताया कि जिस तरह से स्वास्थ्य पर रसायनिक दवाओं के इस्तेमाल से प्रतिकूल असर हो रहा है वह सभी के लिए चिंता का विषय है। ऐसे में जैविक खेती से ही धरा को स्वस्थ किया जा सकता है तथा स्वस्थ धरा से स्वस्थ जीवन हो सकता है।
ज्ञात हो कि देष भर के विभिन्न राज्यों के प्रतिनिघि इस सम्मेलन में भाग ले हे हैं। आज सम्मेलन में हिमाचल प्रदेष के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री सतीष बाल्याण, हरियाणा के कृषि मंत्री ओपी धनखड़ सहित अन्य राज्यों के कृषि मंत्रियों के अलावा कृषि सचिव सिराज हुसैन ने भी सम्मेलन में सक्रियता से हिस्सेदारी की।
हरियाणा की ओर से कृषि मंत्री के साथ सम्मेलन में विभाग के वीएस कुंड एसीएस , मार्केटिंग बोर्ड के अनिल मलिक सीए तथा भूपेंद्र सिंह डीजी एग्रीकल्चर भी सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।