साल्हावास। अलग मकान है, काम भी अलग, मकान में बिजली का मीटर भी अलग है इसके बाद भी अलग से नया परिवार पहचान पत्र नहीं बन पा रहा। एक परिवार पहचान पत्र से नाम हटवाने का ऑप्शन क्रीड ने दिया है, लेकिन यह ऑप्शन काम नहीं कर रहा है। जब भी स्पलीड विकल्प के तहत आवेदन किया जाता है तो लिंक ओपन नहीं होता और एरर आ जाता है। इस कारण लोगों के परिवार पहचान पत्र अलग नहीं हो पा रहे हैं। अगल परिवार पहचान पत्र बनवाने के लिए लोग चक्कर काटने को मजबूर हैं।
लोगों ने बताया कि हरियाणा में संयुक्त परिवार से अलग होकर अपना नया मकान बनवाने, नया मीटर कनेक्शन लेने, अलग मकान में रहने के बावजूद भी लोगों को अपनी नई फैमिली आईडी बनवाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। नई फैमिली आईडी नहीं बन रही है। नई फैमिली आईडी बनवाना उनके लिए जी का जंजाल बना हुआ है। नई फैमिली आईडी न बनने के कारण लोगों को अपने अधिकारों से वंचित होना पड़ रहा है। फैमिली आईडी ना होने के कारण राशन कार्ड भी नहीं बन पा रहा है। इतना ही नहीं फैमिली आईडी के लिए पोर्टल पर स्पलीट फैमिली आईडी का विकल्प तो जरूर दिया गया है, लेकिन यह विकल्प जब ओपन करते हैं तो एरर का निशान आ जाता है।
मृत्यु, तलाक, शादी केस के अलावा व्यस्क का नाम भी नहीं जुडता
परिवार में यदि किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो उसको फैमिली आईडी से हटवाना आसान है। उसके लिए मृत्यु प्रमाण पत्र लगाकर फैमिली आईडी से परिवार के सदस्य का नाम हटवा सकते हैं। इसी प्रकार तलाकशुदा मामले में तलाक से संबंधित कागजात अपलोड करके फैमिली आईडी से महिला या पुरुष का नाम हटवा सकते हैं तथा शादी होने पर मैरिज सर्टिफिकेट के माध्यम से फैमिली आईडी में नाम शामिल करवा सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति एक परिवार से दूसरे परिवार में शामिल होना चाहता है तो वह फैमिली आईडी में शामिल नहीं हो सकता, क्योंकि इसके संबंध में कोई विकल्प नहीं दिया गया है। इस कारण भी लोगों को एक फैमिली आईडी से दूसरी फैमिली आईडी में मर्ज करने में समस्या आ रही है।
प्राइवेट नौकरी छूट जाने पर भी कम नहीं हो रही आमदनी
परिवार पहचान पत्र में एक बार आय दर्शाने के बाद आय को काम करवाने के लिए भले ही स्वयं सत्यापन पत्र लागू कर दिया गया हो, लेकिन कॉमन सर्विस सेंटर संचालकों का इस बारे में कहना है कि स्वयं सत्यापन पत्र एडीसी कार्यालय में जमा होगा। उसके बाद वेरिफिकेशन होगी और जांच के बाद आमदनी कम होगी। लेकिन कौशल रोजगार के तहत लगे या प्राइवेट क्षेत्र में नौकरी कर रहे व्यक्ति की जब नौकरी छूट जाती है तो उसकी आमदनी कम होने का कोई विकल्प नहीं है।
केस-एक
वह पहले संयुक्त परिवार में रहते थे, लेकिन अब अलग-अलग रहते हैं। मकान भी अलग है और बिजली मीटर भी अलग है। परिवार पहचान पत्र अलग करने के लिए अप्लाई कर चुके हैं, लेकिन अब तक अलग नहीं हुआ है।
रजनी दहिया, ग्रामीण
केस-दो
उसके परिवार पहचान पत्र में उसकी दादी जुड़ी हुई है जबकि वह उसके भाई के पास रहती है। दादी फौज की पेंशन ले रही है। इस कारण उसकी आय परिवार पहचान पत्र में ज्यादा आ रही है। वह दादी को भाई के परिवार पहचान पत्र में जुड़वाना चाहता है, लेकिन ऐसा नहीं हो पा रहा।
पवन, ग्रामीण
कौशल के तहत वह पहले जॉब करता था, लेकिन अब उसकी जॉब छूट चुकी है। उसके बावजूद उसके परिवार पहचान पत्र में भी पहले वाली आय दिख रही है। ठीक करने के लिए आवेदन भी किया, लेकिन नहीं हो रही।
अनिल, ग्रामीण
वर्जन
नई फैमिली आईडी का विकल्प फिलहाल नहीं है। भविष्य में यदि इस प्रकार का विकल्प आता है तो जरूर नई फैमिली आईडी बनवाने का काम आसान होगा।
योगेश, जिला प्रबंधक, नागरिक संसाधन सूचना विभाग, झज्जर