बहादुरगढ़। इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक रहे नफे सिंह राठी और उनके सहयोगी कार्यकर्ता के हत्याकांड को 25 फरवरी को एक वर्ष पूरा हो जाएगा। मामले में शुरुआत में अनेकों बार एसआईटी के अलावा पुलिस अधिकारियों ने एफआईआर में नामजद लोगों से पूछताछ की। परिजनों की मांग पर 1 मई 2024 को मामला सीबीआई के स्थानांतरित किया गया। सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने दो से तीन महीने तक बहादुरगढ़ में रहकर जांच की। अब कई महीनों से मामला ठंडे बस्ते में था तो इसी महीने सीबीआई ने एफआईआर में नामजद लोगों को दिल्ली बुलाकर फिर पूछताछ की।
उधर, नफे सिंह राठी के परिजनों ने इस मामले में बातचीत करने से इन्कार कर दिया। परिजनों का कहना है कि उनकी तरफ से इस मामले को लेकर किसी भी तरह की बातचीत की जाती है तो इससे जांच प्रभावित हो सकती है, इसलिए वे अभी इस मामले में कुछ नहीं कहेंगे। सीबीआई अपनी जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद मामले का खुलासा हो सकेगा। परिजनों ने बताया कि 25 फरवरी को नफे सिंह राठी की नजफगढ़ रोड स्थित राठी फार्म हाउस पर श्रद्धांजलि सभा होगी।
यह था मामला : वर्ष 2024 में 25 फरवरी की शाम लगभग 5 बजकर 10 मिनट पर बराही फाटक के नजदीक नफे सिंह राठी व उनके समर्थक जयकिशन दलाल की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। इसको लेकर 26 फरवरी को दिल्ली-रोहतक रोड पर समर्थकों ने जाम लगाया। विधानसभा में मुद्दा उठने के बाद तत्कालीन गृहमंत्री अनिल विज ने मामले की जांच सीबीआई से कराने का एलान किया तो समर्थकों ने जाम खोला। सवा दो महीने बाद हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपी गई। सीबीआई के वरिष्ठ अधिकारियों ने बहादुरगढ़ पहुंचकर मौके और थानों में पहुंचकर जांच शुरू की। यह जांच लगभग दो से तीन महीने तक की गई। एफआईआर में नामजद आरोपियों से भी कई बार पूछताछ हुई।
एफआईआर में नामजद इन लोगों से हो चुकी है कई बार पूछताछ
इनेलो प्रदेशाध्यक्ष नफे सिंह राठी हत्याकांड में पूर्व विधायक नरेश कौशिक, पूर्व चेयरमैन कर्मवीर राठी, उनके पुत्र कमल राठी, वर्तमान चेयरपर्सन सरोज राठी के पति रमेश राठी, पूर्व मंत्री स्व. मांगेराम के पुत्र सतीश राठी, मांगेराम के पौत्र गौरव व राहुल राठी से भी कई बार सीबीआई ने पूछताछ की है।
दो शूटर को गोवा से किया था गिरफ्तार, दो अभी तक फरार
नफे सिंह हत्याकांड के हफ्तेभर बाद पुलिस ने गोवा से दो शूटर आशीष और सौरव को गिरफ्तार किया था जबकि दो शूटर नकुल सांगवान और अतुल प्रधान अभी फरार हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद हत्याकांड को अंजाम देने के लिए गाड़ी उपलब्ध करवाने के आरोप में बिजवासन के रहने वाले धर्मेंद्र को पुलिस ने काबू किया था। वहीं, लाइनपार थाना पुलिस ने दिल्ली की मंडोली जेल से नंदू गैंगस्टर के करीबी अमित गुलिया को भी प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की थी।
नहीं लगा हथियारों का पता
हत्याकांड को एक साल हो गया है, लेकिन अभी तक वारदात में प्रयोग किए गए हथियारों का भी पता नहीं लगाया जा सका। हत्याकांड में कौन से हथियार प्रयोग किए गए और किसने उपलब्ध करवाए। कई सवाल मामले में अनसुलझे बने हुए हैं। सीबीआई के अधिकारियों को शुरुआत की जांच में नफे सिंह राठी की फॉर्च्यूनर कार में जीपीएस लगाने वालों की भी पहचान की गई थी। सीबीआई को पता चला था कि जीपीएसी के उपकरण गुरुग्राम व दिल्ली से खरीदे गए थे। सीबीआई को यह भी जानकारी मिली थी कि जीपीएस क्यों लगाया गया था और किसने और कब लगवाया था, लेकिन अभी मामले का खुलासा नहीं हो पाया है।
-फोटो 57 : नफे सिंह हत्याकांड के विरोध में समर्थकों द्वारा की गई सड़क जाम। फाइल फोटो
-फोटो 57 : नफे सिंह हत्याकांड के विरोध में समर्थकों द्वारा की गई सड़क जाम। फाइल फोटो
-फोटो 57 : नफे सिंह हत्याकांड के विरोध में समर्थकों द्वारा की गई सड़क जाम। फाइल फोटो
-फोटो 57 : नफे सिंह हत्याकांड के विरोध में समर्थकों द्वारा की गई सड़क जाम। फाइल फोटो
-फोटो 57 : नफे सिंह हत्याकांड के विरोध में समर्थकों द्वारा की गई सड़क जाम। फाइल फोटो
-फोटो 57 : नफे सिंह हत्याकांड के विरोध में समर्थकों द्वारा की गई सड़क जाम। फाइल फोटो