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वन रैंक, वन पेंशन लेकर रहेंगे

Sun, 12 Jul 2015 01:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला झज्जर
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पूर्व सैनिकों का वन रैंक, वन पेंशन की मांग को लेकर चल रहा आंदोलन तेजी पकड़ गया है। पूर्व सैनिकों ने साफ कर दिया है कि वन रैंक, वन पेंशन उनका अधिकार है, जिसे वह किसी भी हालत में लेकर रहेंगे।
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इसके लिए ही झज्जर के बाग-जहां-आरा स्टेडियम में हुंकार भरी गई और जहां प्रदेश भर के पूर्व सैनिक एकत्र हुए। वहां पूर्व सैनिकों की विशाल रैली की गई, जिसमें हर किसी ने सरकार पर पूर्व सैनिकों की अनदेखी व वादा खिलाफी करने का आरोप लगाया।

सरकार से वन रैंक, वन पेंशन की मांग जल्द पूरा करने की मांग की गई और यह मांग जल्द पूरी नहीं होती है तो यह आंदोलन लगातार चलता रहेगा।

प्रदेश स्तरीय रैली में सबसे पहले अमर शहीदों के बलिदान को याद कर उन्हें नमन किया गया। वहां कर्नल आजाद सिंह सहरावत ने कहा कि सरकार की नीति व नीयत सही नहीं है। वह एक तरफ वादा करके बजट में वन रैंक वन पेंशन के लिए रुपये जारी करती है और दूसरी ओर इसे लागू करने की तारीख तय नहीं की जाती है।
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कर्नल बलबीर सिंह ने कहा कि सैनिकों की वन रेंक वन पेंशन की मांग काफी पुरानी व जरूरी है, लेकिन सरकार इसकी पूरी तरह से अनदेखी कर रही है। कर्नल रणधीर सिंह ने कहा कि वन रैंक वन पेंशन योजना में कुछ भी जटिल नहीं है, लेकिन उसके बावजूद सरकार इसे लागू करने में लंबा समय खींच रही है।

ले. जनरल जेबीएस यादव ने कहा कि यह इस देश का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि यहां सैनिकों को अपना हक मांगने के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। ले. जनरल बलबीर सिंह यादव ने पूर्व सैनिकों को संयम बरतने के लिए कहा और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के आश्वासन देने की बात कही।

इनके अलावा एचईएसएल के प्रदेशाध्यक्ष कर्नल रणधीर सिंह मलिक, कमांडर इंद्र सिंह, मेजर जनरल आरएस खरब, मेजर जनरल समेराम, मेजर जनरल सतबीर सिंह, ले. जनरल ओएस लोहचब, ले. जनरल राज कादयान, आईईएसएल अध्यक्ष ले. जनरल बलबीर सिंह ने भी संबोधित किया।

वहां सभी वक्ताओं ने वन रैंक वन पेंशन की मांग उठाई और इसे अपना अधिकार बताते हुए इसे हर हाल में लेने की बात कही गई। एचईएल के झज्जर जिलाध्यक्ष मेजर चंद्ररूप सिंह ने रैली में शामिल होने वाले सभी उच्च अधिकारियों, वीरांगनाओं व पूर्व सैनिकों समेत उनके परिवारों का आभार जताया।

वहीं आंदोलन में साथ देने के लिए किसान सभा का भी आभार प्रकट किया गया और सामाजिक संगठनों से इसमें सहयोग मांगा गया।

वादा भूल रहे पीएम मोदी
रैली में पूर्व सैनिकों ने वन रैंक वन पेंशन योजना लागू होने के कारण सरकार पर भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चुनाव के समय रेवाड़ी रैली में इसको लेकर बड़ा वादा किया था, लेकिन अब वह अपना वादा भूलते जा रहे हैं। उनको पीएम बनते ही यह योजना लागू करनी चाहिए थी।

किसान व जवान एकजुट हो जाएं तो सबको हिला देते हैं
वन रैंक वन पेंशन को लेकर चल रहे पूर्व सैनिकों के आंदोलन को खापों के अलावा किसानों ने भी समर्थन किया है और इस तरह किसान व जवान एकजुट हो गए हैं।

रैली में कहा गया कि जब किसान व जवान एकजुट हो जाते हैं तो वह सबको हिलाकर रख देते हैं। सीमा पर जवान सबकुछ संभालता है और किसानों की भी देश चलाने में बराबर की भागीदारी होती है। अब किसान व जवान एकजुट हो गए हैं और सरकार को जल्द से जल्द मांगों को मानना पड़ेगा।

अन्ना हजारे भी पूर्व सैनिकों के लिए करेंगे धरना
पूर्व सैनिकों की रैली में मंच से कहा गया कि वन रैंक वन पेंशन को जरूरी बताते हुए अब अन्ना हजारे भी सभी के साथ खड़े हो रहे हैं। इसके लिए कहा गया कि अन्ना हजारे ने इस मामले में पूर्व सैनिकों का साथ देने की बात कही है और वह भी पूर्व सैनिकों के साथ आंदोलन में शामिल होकर धरना शुरू करेंगे। वहीं, इसके लिए गांव-गांव जाकर भी लोगों को जोड़ा जाएगा।

विदेश से आती है मदद, अपने देश में पेंशन तक नहीं
देश की खातिर जान न्यौछावर करने वाले सैनिकों की वीरांगनाओं व सेना में रह चुकी महिलाओं को विदेश तक से आर्थिक मदद मिलती है, लेकिन अपने देश में उनको पेंशन तक के लिए जूझना पड़ता है। सैनिकों की वीरांगनाओं व पूर्व महिला सैनिकों को ब्रिटिश सरकार से हर छह माह में आर्थिक मदद के लिए चेक मिलते हैं।

इस तरह अपने देश की सरकार से मदद नहीं मिलने पर सैनिकों के परिवार काफी आहत है और उनके चेहरे पर यह दर्द साफ दिखाई देता है।

डीगल गांव की फुल्ला देवी पत्नी दुलीचंद अपनी जिंदगी के 100 बरस पूरे कर चुकी है और उसके पति व परिवार के कई लोगों ने देश के लिए जंग लड़ते हुए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए।

देश के लिए इतना कुछ खोने वाली फुल्ला देवी के चेहरे पर केवल एक ही दर्द दिखाई देता है कि अपने देश की सरकार उनकी आर्थिक रूप से कोई मदद नहीं करती है।

उनका यह दर्द इसलिए भी बढ़ जाता है कि उसको हर छह माह में ब्रिटिश सरकार से आर्थिक मदद मिलती है और उसको हर छह माह बाद 2700 रुपये का चेक मदद के लिए मिलता है।
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पूर्व सैनिकों की वन रैंक वन पेंशन की मांग को लेकर हुई रैली में आई फुल्ला देवी व अन्य सैनिकों की वीरांगनाओं ने यह दर्द बयां किया।
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