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भीख नहीं, हक मांग रहे हैं: मलिक

Sun, 05 Jul 2015 02:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ झज्जर
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पूर्व सैनिक भीख नहीं मांग रहे हैं, अपना हक मांग रहे हैं। सरकार को ये हक देना होगा। जब तक सरकार हमें हमारा हक नहीं देती है तब तक भूख हड़ताल व आंदोलन जारी रहेगा।
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यह बात शनिवार को हरियाणा एक्स सर्विस मैन लीग के प्रदेशाध्यक्ष आरएस मलिक ने कही। वो लीग कार्यालय में पत्रकारवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि वन रैंक-वन पेंशन की मांग को लेकर 11 जुलाई को शहर के जहांआरा बाग स्टेडियम में एक रैली का आयोजन किया जाएगा। इस रैली में जिले भर के पूर्व सैनिक, युद्ध वीरांगनाएं, पूर्व सैनिकों के आश्रित व उनके परिवार के सदस्य भाग लेंगे।

मलिक ने कहा कि पूर्व सैनिकों को वन रैंक-वन पेंशन का लाभ दिए जाने में अफसरशाही रोड़ा बनी हुई है।  कांग्रेस पार्टी भी पूर्व सैनिकों का वन रैंक-वन पेंशन का हक देना चाहती थी, इसीलिए चुनाव से पहले 500 करोड़ रुपए भी जारी कर दिए थे।
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मगर अफसरशाही ने ऑब्जेक्शन लगाकर उसे रोक दिया। फिर मोदी सरकार भी सैनिकों को यह लाभ देना चाहती थी। खुद थल सेना अध्यक्ष भी इसकी घोषणा कर चुके हैं। इससे लगता है कि सरकार व सेना दोनों की ही नियत इस मामले में साफ है। मगर अफसरशाही नहीं चाहती कि पूर्व सैनिकों को वन रैंक-वन पेंशन का लाभ मिले।

इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष कर्नल बलबीर सिंह, महासचिव कर्नल आजाद सिंह सहरावत, जिलाध्यक्ष मेजर चंदरूप सिंह फलस्वाल आदि मौजूद रहे।

आरएस मलिक ने राजनीति के पुराने पन्ने उधेड़ते हुए कहा कि आज चौधरी देवीलाल जैसे राजनेताओं की कमी है। वो पहले योजना तैयार करते थे।

अगर कोई नियम उस योजना को रोकता था तो नए सिरे से नियम हाथों-हाथ बन जाया करते थे। आज के नेताओं में उस सेवा भाव व काम करने के जज्बे की कमी है।

पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए मलिक ने कहा कि पूर्व सैनिकों में आपस में कोई मतभेद नहीं है। सभी एक हैं। वन रैंक-वन पेंशन के लिए यूनाइटेड फ्रंट ऑफ एक्स सर्विस मैन बनाया गया है।

इसका काम केवल इसी मुद्दे को उठाना है। सभी पूर्व सैनिक 11 जुलाई को इस बैनर तले एक साथ खड़े नजर आएंगे।

विभिन्न युद्धों व आतंकवादियों के साथ हुई मुठभेड़ों में शहीद हुए जवानों को याद करते हुए मलिक भावुक हो गए तथा उन्होंने कहा कि सेना का जवान अपने जीवन का सबसे कीमती समय देश की सेवा में लगा देता है।

जवान होते ही सेना में भर्ती हो जाते हैं। जवानी गुजरने के बाद रिटायर होकर घर आते हैं। इस दौरान कई ऐसे सैनिक हैं जो शहीद भी हो जाते हैं। ऐसे में भी अगर पूर्व सैनिकों को उनका हक नहीं दिया जाएगा तो यह देश के लिए शर्म की बात है।

8293 करोड़ की जरूरत
मलिक ने बताया कि सभी फौजियों को वन रैंक-वन पेंशन दिए जाने की घोषणा बीजेपी द्वारा की गई थी। साथ ही यह भी कहा गया था कि इसका लाभ पूर्व सैनिकों को अप्रैल 2014 से दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इसके लिए तथा पीछे तक का एरियर देने के लिए सरकार को 8293 करोड़ रुपये की जरूरत है। मलिक ने कहा कि जब मोदी किसी भी देश में जाकर वहां 10 हजार या 20 हजार रुपए दिए जाने की घोषणा कर सकते हैं तो पूर्व सैनिकों को दिए जाने वाले 8293 करोड़ रुपए ज्यादा नहीं हैं।
भूख हड़ताल जारी
वहीं दूसरी और देशवाल कांप्लेक्स में पूर्व सैनिकों की भूख हड़ताल जारी है। वन रैंक-वन पेंशन की मांग को लेकर पूर्व सैनिक देशवाल कांप्लेक्स में भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। वीर चक्र जयसिंह राठी ने बताया कि सरकार जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं करती है तब तक भूख हड़ताल ऐसे ही जारी रहेगी।
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