साल्हावास। हंगरी के बुडापेस्ट में आयोजित वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज में ओलंपिक कांस्य पदक विजेता अमन सहरावत ने 57 किलो भार वर्ग की फ्री स्टाइल कुश्ती में स्वर्ण पदक जीतने पर बिरोहड़ गांव की ओर से सम्मान समारोह आयोजित किया गया।
ग्रामीणों की ओर से अमन सहरावत के दादा मांगेराम को पगड़ी बांधकर, फूल-मालाएं पहनाकर और फूलों का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया गया। अमन सहरावत ने हंगरी के बुडापेस्ट में आयोजित वर्ल्ड रैंकिंग सीरीज में स्वर्ण पदक जीतकर एक बार फिर देश का नाम रोशन किया है।
अमन सहरावत के ताऊ सुधीर सहरावत, हिंद केसरी पहलवान कर्मवीर सहरावत और भाई राकेश सहरावत, बिंटू ने बताया कि फाइनल मुकाबले में अमन ने जॉर्जिया के पहलवान रोबर्टी डिंगाशविली को 13-3 के बड़े अंतर से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। 16 जुलाई को अपने जन्मदिन के अवसर पर अमन सहरावत ने यह उपलब्धि हासिल की। अमन सहरावत ने अपने प्रशंसकों से इसी तरह आशीर्वाद और सहयोग बनाए रखने की अपील की है।
अमन ने कहा कि देश के लिए पोडियम पर शीर्ष स्थान पर खड़े होना और तिरंगे को ऊपर जाते देखना ऐसा अहसास है, जिसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता। उन्होंने अपनी जीत को निरंतर अभ्यास और कोचों के मार्गदर्शन का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि मैट पर की गई कड़ी मेहनत रंग लाई है। बुडापेस्ट में मिली इस बड़ी जीत के बाद उन्होंने अपना ध्यान आगामी प्रतियोगिताओं पर केंद्रित कर दिया है, जहां उनका लक्ष्य देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना है।
वहीं, एसएससी सीजीएल परीक्षा उत्तीर्ण कर ऑडिटर के पद पर चयनित होने पर शिवचरण पुत्र स्वर्गीय जगदीश को भी गांव की ओर से सम्मानित किया गया।
4 में से 3 मुकाबले तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीते
22 वर्षीय अमन सहरावत ने जॉर्जिया के निकोलोज बोचोरिशविली के खिलाफ 10-0 से तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीत हासिल कर अपने अभियान की शुरुआत की। क्वार्टर फाइनल में कजाकिस्तान के ओलंपियन मीरामबेक कार्तबे को 10-3 से हराया। सेमीफाइनल में अजरबैजान के मौजूदा यूरोपियन चैंपियन इस्लाम बाजारगानोव को 11-0 से शिकस्त दी। इस तरह अमन ने चार में से तीन मुकाबले तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर जीते।