झज्जर। अक्सर देखा जाता है कि सरकारी विभाग बजट न होने का रोना रोते हैं, लेकिन जिले में हालात दूसरे हैं। विकास एवं पंचायत मंत्री देवेंद्र सिंह बबली रविवार को ग्राम पंचायत, ब्लाक समिति से लेकर जिला परिषद की ग्रांट का पूरा खाका चंडीगढ़ से लेकर झज्जर पहुंचे। उन्होंने एक-एक करके ग्राम पंचायत, ब्लाक समिति व जिला परिषद की ग्रांट व खर्चे का ब्यौरा लेना शुरू किया तो अफसरों की लापरवाही की पोल खुलती चली गई। कई मदों में ग्रांट खर्च ही नहीं हुई थी। इस पर मंत्री का पारा चढ़ गया। उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जो राशि आ रही है, उसे समय पर खर्च किया जाए। यदि कोई जान-बुझकर काम नहीं करेगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जैसे ही मंत्री बबली बैठक में पहुंचे तो वहां की बिजली गुल मिली। बैटरी के सहारे केवल माइक ही चालू थे। जैसे ही सीईओ सुभिता ढाका ने बैठक की शुरुआत की तो उन्होंने मंत्री के सामने बिजली न होने की बात कही।यह भी बताया कि इतने बडे़ हॉल में बैकअप की सुविधा नहीं है। ग्रीवेंस की मीटिंग भी यहां होती है, लेकिन आज तकनीकी दिक्कत के चलते बिजली नहीं है। सीईओ ने कुछ देर बाद बैठक शुरू करने की बात रखी तो मंत्री बोले कि वह ऐसे ही काम चला लेंगे। इसके बाद बैठक शुरू हुई। लगभग 40 मिनट तक बैठक लेने के बाद तीन बजकर 24 मिनट तक बिजली सुचारु हो सकी।
वह अगले माह फिर से रिव्यू करने आएंगे। उन्होंने कहा कि आप सभी के खाते में एक तारीख को वेतन आ जाता है तो काम भी वैसे ही करे। यदि नहीं करेंगे तो स्पष्टीकरण देना पडे़गा। यदि स्पष्टीकरण में भी कोताही नजर आई तो अधिकारी 10 दिन में इसकी जांच कर कार्रवाई करेंगे। बैठक के दौरान ग्राम पंचायत, ब्लाक समिति व जिला परिषद में आई ग्रांट व खर्च को लेकर मंत्री ने एक-एक ब्यौरा रखा, जिसमें पाया गया कि अधिकारियों ने अधिकतर राशि को खर्च ही नहीं किया है। इस पर मंत्री ने सीईओ, एक्सईएन, एसडीओ व बीडीपीओ से जवाब भी मांगा। सीईओ ने बताया कि उनके आने के बाद वह दो बैठक करवा चुकी है और प्राथमिकता के अनुसार काम कराकर प्रशासनिक अनुमति दे दी गई है। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वह जनप्रतिनिधि को भ्रमित करने का काम नहीं करे। सरकार की एसओपी को जनप्रतिनिधियों को बताए और उसी के अनुसार काम करे। इस अवसर पर चेयरमैन एसोसिएशन ब्लाक समिति की तरफ से मंत्री को ज्ञापन भी सौंपा गया। इस अवसर पर जिला परिषद चैयरमेन कप्तान बिरधाना, डीडीपीओ ललिता वर्मा, पंचायती राज के कार्यकारी अभियंता संजीव शर्मा उपस्थित रहे।
कैमरे की आपातकालीन लाइट में 40 मिनट मंत्री बबली ने ली अधिकारियों की बैठक,
जैसे ही मंत्री बबली बैठक में पहुंचे तो वहां की बिजली गुल मिली। बैटरी के सहारे केवल माइक ही चालू थे। जैसे ही सीईओ सुभिता ढाका ने बैठक की शुरुआत की तो उन्होंने मंत्री के सामने बिजली न होने की बात कही।यह भी बताया कि इतने बडे़ हॉल में बैकअप की सुविधा नहीं है। ग्रीवेंस की मीटिंग भी यहां होती है, लेकिन आज तकनीकी दिक्कत के चलते बिजली नहीं है। सीईओ ने कुछ देर बाद बैठक शुरू करने की बात रखी तो मंत्री बोले कि वह ऐसे ही काम चला लेंगे। इसके बाद बैठक शुरू हुई। लगभग 40 मिनट तक बैठक लेने के बाद तीन बजकर 24 मिनट तक बिजली सुचारु हो सकी।