झज्जर। लघु सचिवालय कांफ्रेंस हाल में लगभग साढे़ 5 माह बाद हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में रोहतक लोकसभा से सांसद डॉ. अरविंद शर्मा के समक्ष डीसी और नप चेयरमैन ने सड़कों की बदहाली बताई। कई अधिकारियों के बैठक से नदारदर होने से नाराज सांसद ने इन अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांग लिया है।
बैठक शुरू होते ही सड़कों का मुद्दा उठा। नगर परिषद चेयरमैन ने बहादुरगढ़ रोड की बुरी हालत के बारे में बताया। डीसी ने कहा कि वह खुद रोड देख चुके हैं। लोगों के घर के बाहर गेट तक पानी भरा है। सांसद ने एसई को ठेकेदार व अधिकारियों को साथ लेकर निरीक्षण के निर्देश दिए। अबहादुरगढ़ में एचएसवीपी की जमीन पर कुछ फार्म हाउस द्वारा कब्जे को लेकर सांसद ने जिला नगर आयुक्त से जवाब मांगा। पूछा कि निर्देश के बाद भी इसकी पैमाइश क्यों नहीं हुई। बहादुरगढ़ तहसीलदार से जवाब मांगा गया लेकिन वह बैठक में नहीं मिले। उन्होंने तहसीलदार को फोन कर तुरंत बुलाने और बैठक में नहीं आने का जवाब मांगने के निर्देश उपायुक्त को दिए। सांसद ने कह कि यह मीटिंग तो तीन माह में होती है और इस बार लगभग 6 माह हो रही है। उसके बावजूद भी अधिकारियों का न होना गंभीर विषय है। उन्होंने सीईओ डॉ. सुभीता ढाका को निर्देश दिए कि वह भविष्य में होने वाली बैठक से पूर्व सभी अधिकारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करेंगी,।भाजपा नेताओं ने आरोप लगाए कि सीएससी संचालक ओवरचार्ज करते हैं। डीसी ने सभी जगह रेट लिस्ट लगवाने को कहा। साथ ही आम जनता से भी अपील की कि जिस सीएससी पर रेट लिस्ट नहीं हो और ओवरचार्ज करता हो तो उसकी फोटो खींचकर भेज दे ताकि उनकी सीएससी रद्द की जाए।
इमरजेंसी में डॉक्टर न होने का मद्दा उठाया
बैठक में भाजपा नेता राजेंद्र कुमार ने आयुष विभाग के एक अधिकारी पर नशीली दवाओं का सेवन करने के आरोप लगाए। आयुष अधिकारी से जवाब मांगा तो उन्होंने बताया कि शिकायत आई हुई है और सीएमओ को भेजी गई है। इस पर उपायुक्त ने कहा कि शिकायत की कॉपी उन्हें दी जाए, वह खुद कार्रवाई करेंगे। नप परिषद के चेयरमैन जिले सिंह सैनी ने रात के समय पूरे डॉक्टर आपातकालीन में नहीं होने की बात कही।सांसद ने सीएमओ को निर्देश दिए कि वह चेयरमैन को पिछले कुछ समय की रेफरल रिपोर्ट दे ताकि वह चेक कर सके।
710 किसानों का रुका मुआवजा
बैठक में पीएम किसान बीमा योजना की जानकारी सांसद ने ली तो बताया गया कि 710 किसानों की पेमेंट रुकी हुई है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि केंद्र की तरफ से नए पोर्टल के माध्यम से पेमेंट की जाती है। सांसद ने कहा कि 2022 खरीफ मुआवजा का डाटा आप अब तक चढ़ा रहे हैं और मुआवजा कब मिलेगा। इसका जवाब अधिकारियों के पास नहीं था। डीसी ने संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट देने के आदेश दिए।