खापों व कैप्टन अभिमन्यु के बीच हुए समझौते के बाद पूर्व कृषि मंत्री ओपी धनखड़ का दर्द शुक्रवार को जुबां पर आ गया। पत्रकारों से बातचीत के दौरान धनखड़ ने कहा कि अगर ये समझौता चुनाव से पूर्व हो जाता तो कैप्टन और वो विधानसभा में होते। धनखड़ ने कहा कि जाट आरक्षण के मुद्दे पर अब जो समझौता हुआ है, वो सौहार्दपूर्ण माहौल वाला रहा है। उन्होंने समाज के तानेबाने को जोड़ने का यह समझौता कार्य करेेगा। वहीं सीएम मनोहरलाल व गृहमंत्री अनिल विज के बीच सीआईडी को लेकर चली आ रही रार को लेकर उन्होंने टिप्पणी करते हुए कहा कि दो मंत्रियों के बीच का मामला इस प्रकार से सार्वजनिक होना दुर्भाग्यपूर्ण है। विभाग देने का अधिकार पूरी तरह से सीएम के पास है, इसमें कोई दो राय नहीं है लेकिन सुशासन के लिए इस तरह के मामले होना उचित नहीं है। पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर व विधायक बलराज कुुंडू को लेकर चले आ रहे विवाद में उन्होंने कहा कि सभी मामले पुराने हैं, ग्रोवर को लेकर कोई भी मामला नया नहीं है। बलराज कुंडू का इस तरह से बयान देना गलत है, अगर कुछ गलत हुआ तो उसी समय उन्हें आरोप लगाने चाहिए।