-फोटो 63 : बहादुरगढ़ में एक फैक्टरी में फुटवियर तैयार कर रहे कर्मचारी। संवाद
बहादुरगढ़। सरकार की ओर से 22 सितंबर से जीएसटी की दरें कम कर दी गई। इसी कारण बहादुरगढ़ में फुटवियर उद्योग के लिए एक नया युग शुरू हो गया। जूते पर जीएसटी कम होने से उद्यमियों को सेल बढ़ने की भी उम्मीद जगी है। अब आमजन को जूता सस्ता मिलेगा। बहादुरगढ़ के फुटवियर उद्यमियों ने जीएसटी की नई दर पर एमआरपी भी तय कर दिए हैं। साफ्टवेयर में भी इसे अपडेट किया गया है।
उद्यमियों का कहना है कि नए दाम लागू होने से 2500 रुपये के जूते पर जीएसटी 5 प्रतिशत लगेगा। पहले इसी रेट पर 12 फीसदी जीएसटी लगता था। अब यह जूता 7 प्रतिशत तक सस्ता मिलेगा। आने वाला मौसम सर्दी का है और लोग सर्दी में स्पोर्ट्स शू पहनना पसंद करते हैं। इससे सेल 20 फीसदी से अधिक बढ़ जाएगी। बहादुरगढ़ में प्रतिदिन सवा करोड़ फुटवियर तैयार होता है।
बहादुरगढ़ चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष सुभाष जग्गा का कहना है कि इस फैसले से फुटवियर बाजार में उछाल आने, बिक्री में वृद्धि होने और कर चोरी पर अंकुश लगने की उम्मीद है। बहादुरगढ़ में भारत का सबसे बड़ा फुटवियर पार्क है, जहां देश का करीब 60 फीसदी से ज्यादा नाॅन लेदर फुटवियर बनता है।
जीएसटी दर कम होने से इस उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। जीएसटी दर कम होने से बिक्री और निवेश में वृद्धि की उम्मीद है क्योंकि फुटवियर की मांग बढ़ेगी। इससे उद्योग में निवेश भी बढ़ेगा और बहादुरगढ़ में लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। उपभोक्ताओं को भी लाभ होगा क्योंकि उन्हें सस्ते जूते उपलब्ध होंगे। उन्होंने बताया कि 3 साल पहले दरें बढ़ने से उद्यमी नुकसान में थे। अब फायदे की उम्मीद है।
वरिष्ठ उपप्रधान नरिंदर छिकारा ने कहा कि सरकार के इस फैसले से कर चोरी पर भी अंकुश लगने की उम्मीद है क्योंकि लोग कानूनी रूप से अधिक सामान खरीदेंगे। उद्योगपतियों ने 2500 रुपये तक के फुटवियर पर जीएसटी दर को 12 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी करने की मांग की थी जो अब सरकार ने मान ली है।
फुटवियर उद्यमी पवन जैन ने कहा कि अब और बिक्री बढ़ेगी व अधिक लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने बताया कि बहादुरगढ़ में करीब 2500 फैक्टरियां हैं, जहां हर रोज एक से सवा करोड़ के बीच फुटवियर बनता है। लगभग ढाई लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से यहां पर रोजगार मिला हुआ है।