बहादुरगढ़ बस अड्डा परिसर में मंगलवार को डीटीसी की बसों को नहीं जाने दिया गया। इससे पहले करीब चार से पांच दिनों से झज्जर बस अड्डा परिसर में भी डीटीसी की बसों को लेकर यहीं समस्या बनी हुई है। डीटीसी की बसों को बस अड्डा परिसर के बाहर ही इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, बादली में लोगों ने प्रबंधन के इस रवैये को लेकर पंचायत करने का फैसला लिया है।
दिल्ली सरकार ने बहादुरगढ़ से गुरुग्राम और नजफगढ़ नांगलोई स्टैंड से झज्जर के लिए डीटीसी की इलेक्ट्रिक बसे चलाई हैं। करीब 10 दिन पहले इन बसों को शुभारंभ किया गया है। बहादुरगढ़ से गुरुग्राम के लिए तीन और नजफगढ़ से नांगलोई स्टैंड के लिए दो बसें चलाई गई हैं। करीब पांच दिन पहले जहां झज्जर में समय नहीं मिलने के कारण डीटीसी की बसों को बस अड्डा परिसर में नहीं जाने दिया वहीं इसके बाद मंगलवार को डीटीसी की इलेक्ट्रिक बसों को बहादुरगढ़ बस अड्डा परिसर में नहीं जाने दिया गया।
दिल्ली के डीटीसी अधिकारियों को अभी तक झज्जर आरटीए की तरफ से बसों की समय सारणी को लेकर बैठक का कोई समय नहीं मिला है। डीटीसी के अधिकारी झज्जर आरटीए से समय मिलने का इंतजार कर रहे हैं।
डीटीसी बसों का मुद्दा गर्माया, बादली में पंचायत आज
बादली। करीब 10 दिन पहले दिल्ली के नजफगढ़ से झज्जर तक चलाई गई दिल्ली परिवहन निगम (डीटीसी) की बसों पर विवाद दिनों दिन बढ़ रहा है। दो दिन से जहां बादली के पास ढांसा बॉर्डर पर निजी बस संचालकों का रवैया डीटीसी बसों के खिलाफ रहा है तो वहीं झज्जर बस स्टैंड पर डीटीसी बसों की एंट्री नहीं मिल रही है। इसी को लेकर अब सवारियों ने एकजुट होते हुए 27 नवंबर को बादली में एक पंचायत बुलाई है। पंचायत की जानकारी बादली से मास्टर रणबीर गुलिया ने दी। उन्होंने बताया कि पंचायत में कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
मास्टर रणबीर गुलिया ने कहा कि रोडवेज प्रबंधक निजी बस संचालकों के दबाव में डीटीसी बसों को बंद करवाने की साजिश कर रहा है और बसों को झज्जर के बस अड्डा परिसर में जगह नहीं मिल रही। निजी बस संचालकों की मिली भगत के चलते प्रबंधक डीटीसी बसों के आवागमन में अड़चन बना है। जिसको लेकर अब सवारियों ने ग्रामीणों की मदद से बादली की बड़ी चौपाल में पंचायत करने का फैसला लिया है। क्योंकि डीटीसी बसों को चलाने के पक्ष में जिले भर की सैकड़ों सवारियां हैं। इनमें महिलाओं को मुफ्त यात्रा का लाभ मिल रहा है। अनुमान लगाया जा रहा है पंचायत में सैकड़ों की संख्या में सवारियां पहुंचेंगी व महिलाओं की भागीदारी भी होगी।
दो दिन से हो रहा विवाद
दिल्ली के ढांसा बार्डर पर दो दिनों से निजी बस संचालकों की ओर से झगड़ा किया जा रहा है। कभी समय को लेकर बसों का रास्ता रोका जा रहा है तो कभी अनुमति नहीं होने की बात की जाती है। रविवार और सोमवार को पुलिस ने मामले में संज्ञान लिया और दोनों पक्षों का समझौता हुआ, लेकिन मंगलवार को सवारियों ने एक बार फिर विवाद होने पर 27 नवंबर को पंचायत बुलाई है।