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Jhajjar-Bahadurgarh News: 584वीं रैंक से नहीं हुईं संतुष्ट तो पांचवें प्रयास में यूपीएससी में पाई 265वीं रैंक

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फोटो 73: यूपीएससी परीक्षा पास प्रख्या अपने माता-पिता के साथ। (फाइल फोटो)
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बादली। यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में देशभर में 265वीं रैंक हासिल कर बादली की बेटी प्रख्या ने साबित कर दिया कि मेहनत से ही मुकाम हासिल होता है। प्रख्या ने इससे पहले चार बार प्रयास किया था। तीन बार वह सफल नहीं हुईं और चौथी बार 584वीं रैंक हासिल की थी। पांचवीं बार में परचम लहरा दिया।
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परिवार और बादली क्षेत्र में खुशी का माहौल बन गया। प्रख्या की सफलता के लिए घर पर बधाई देने के लिए लोग पहुंचे। प्रख्या ने कहा कि वह विशेष रूप से अभिभावकों को यह संदेश देना चाहती हैं कि अपनी बेटियों को खुला आसमान दें, ताकि वे पढ़-लिखकर न केवल परिवार का बल्कि देश का नाम रोशन कर सकें।
प्रख्या की उपलब्धि पर पिता रामवीर, माता सुशीला और दादा जिले सिंह ने खुशी जाताई और कहा कि बेटी का गांव में जोरदार स्वागत किया जाएगा। प्रख्या के पति दिल्ली पुलिस में कार्यरत है।
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अच्छी रैंक के लिए बढ़ाए पढ़ाई के घंटे
प्रख्या ने कहा कि निराश होने से जीवन नहीं चल सकता है। सफलता के लिए मेहनत व लगन बेहद जरूरी है। अप्रैल 2024 में घोषित यूपीएससी के परीक्षा परिणाम में प्रख्या ने 584वीं रैंक हासिल की थी। अच्छी रैंक नहीं मिलने पर प्रशासनिक सेवा ज्वाइन नहीं की और पहले से भी ज्यादा कड़ी मेहनत में लग गई। पहले जहां 10 घंटे पढ़ाई करती थी। वहीं अब 12 से 14 घंटे तक पढ़ाई करने के बाद यह मुकाम हासिल हुआ है।


5वें प्रयास में मंजिल मिली, होम कैडर प्राथमिकता
प्रख्या ने कहा, मेरा सपना शुरू से ही प्रशासनिक अधिकारी बनना था। अपने बुजुर्गों, माता-पिता और गुरुजनों के आशीर्वाद से मंजिल प्राप्त कर ली है। अब देश की सेवा करना चाहती हूं। वैसे तो होम कैडर मेरी प्राथमिकता है लेकिन जो भी कैडर मिलेगा तो सेवा के जज्बे के साथ काम करूंगी।
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