बादली। सरकारी स्कूलों को तेजी से स्मार्ट स्कूल में बदला जा रहा है। जरूरी सामान देकर छात्रों की शिक्षा का ग्राफ भी बढ़ाने का प्रयास है, लेकिन लेकिन चौकीदार न होने के कारण सरकारी स्कूलों की सुरक्षा राम भरोसे है। चौकीदारों की कमी के कारण डाबौदा गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की कंप्यूटर लैब से महंगा सामान असुरक्षित है। इतना ही नहीं कक्षाओं में लगाए गए प्रोजेक्टर भी बिना ताले के दीवारों पर टंगे हुए है।
डाबौदा खुर्द गांव के राजकीय स्कूल की बात की जाए तो किसी तरह दिन के समय तो प्रोजेक्टर स्कूल में छात्रों और अध्यापकों की सुरक्षा में रहते हैं, लेकिन रात के समय सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं हैं। स्कूल में लाखों रुपए खर्च कर कंप्यूटर लैब बनाई है। तीन कमरों में प्रोजेक्टर लगे हैं। कंप्यूटर लैब पर दरवाजे पर ताला लगा है जबकि खिड़कियां टूटी पड़ी हैं। इसी प्रकार से कक्षाओं में लगाए गए प्रोजेक्टर रूम के दरवाजे खुले रहते हैं । इसके अतिरिक्त वाटर कूलर, पंखे, एलईडी तथा आरओ सिस्टम लगे हैं। जनरेटर सेट भी एक कोने में रखा हुआ है। चौकीदार और दरवाजे खिड़कियों की सुरक्षा न होने से छत के पंखे टूटे पड़े है। शरारती तत्व भी स्कूल बंद होने के समय में सामान से छेड़छाड़ करते हैं।
वहीं स्कूल प्राचार्य रामबीर भारद्वाज का कहना है कि स्कूल में चौकीदार का पद लंबे समय से खाली है। सुरक्षा के तौर पर ताले लगाए गए हैं लेकिन कुछ खिड़की और दरवाजे टूटे होने से सामान को पूरी तरह से सुरक्षित नहीं रखा जा रहा है। सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध करवाने का प्रयास किया जा रहा है और ताला लगाने के साथ साथ टूटे दरवाजों और खिड़कियों को ठीक करवाया जाएगा।