फोटो 71: बादली तहसील में बंद पड़ा स्टांप वैंडर चैंबर।
बादली। पिछले 5 माह से तहसील में कोई ज्यूडिशियल स्टांप वेंडर नहीं है। जिससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं स्टांप वेंडर की व्यवस्था कराने के लिए स्थानीय लोगों और सामाजिक संस्थाओं की ओर से जिला उपायुक्त और एसडीएम का ज्ञापन सौंपकर वेंडर व्यवस्था कराने के लिए गुहार लगाई जा चुकी है लेकिन आज तक इस समस्या का निदान नहीं हो पाया है। ऐसे में लोग बहादुरगढ़ और झज्जर से स्टांप मंगाते हैं। अस्थायी तौर पर स्टांप बेचने वालों के लाइसेंस रिन्यू नहीं किए जा रहे हैं। ऐसे में कुछ बाहरी लोग जरूरतमंद लोगों से मनचाही कीमत वसूल रहे हैं। स्टांप की कमी इन दिनों दलालों की कमाई का जरिया बनी हुई है। कम मूल्य के स्टांप के तहसील कार्यालय में मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। तहसील बादली में पहले दो अस्थायी तौर पर स्टांप वेंडर नियुक्त थे। लेकिन अब लाइसेंस रिन्यू नहीं होने चलते कोई सुविधा नहीं है। दोनों ही वेंडर का चैंबर बंद रहता है। दस रुपये के स्टांप को मजबूरी में 20 ये 40 रुपए देकर दूसरी तहसीलों से मंगवा रहे हैं। संवाद