पैनल्टी की यह राशि दोषी अधिकारी के वेतन से काटी जाएगी।
सामाजिक कार्यकर्ता राहुल मंडोरा की अपील पर राज्य सूचना आयुक्त मेजर जनरल (रिटायर्ड) जेएस कुंडू ने गत 3 जनवरी को सुनाए अपने निर्णय में कहा है कि राहुल मंडोरा को जन सूचना अधिकार के तहत मांगी गई सूचनाएं मुहैया न कराने के कारण परिषद के जन सूचना अधिकारी एवं कार्यकारी अधिकारी को 3000 रुपये पैनल्टी देनी होगी। साथ ही आवेदक को मांगी गई सूचना उपलब्ध करानी होगी। इन दोनों निर्देशों को लागू कराने की जिम्मेदारी इस केस के प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं बहादुरगढ़ के एसडीएम की रहेगी। आयोग के निर्देश के मुताबिक, पैनल्टी की रकम आयोग के खाते में जमा करानी पड़ेगी। आयोग ने मंडोरा द्वारा मांगी गई जानकारी से संबंधित दस्तावेज दो सप्ताह के भीतर आयोग में जमा कराने के निर्देश दिए हैं।
कच्चा बाग बहादुरगढ़ के निवासी राहुल मंडोरा ने 28 जुलाई 2016 को नगर परिषद बहादुरगढ़ के जनसूचना अधिकारी से इंजीनियरिंग व लेखा विभाग संबंधी कुछ जानकारियां मांगी थी। लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी परिषद अधिकारियों ने उन्हें सूचना नहीं दी। मंडोरा का कहना है कि प्रथम अपीलीय अधिकारी भी परिषद के ढीठ अधिकारियों से सूचना दिलाने में अस्मर्थ रही। तब उन्हें 26 दिसंबर 2016 को राज्य सूचना आयोग में अपील करनी पड़ी। पहली अपील पर परिषद से कोई अधिकारी आयोग के समक्ष पेश नहीं हुआ। छह जनवरी 2017 को हुई दूसरी सुनवाई में परिषद के लिखित अशोक कुमार आयोग के समक्ष प्रस्तुत हुए। मंडोरा का कहना है कि इस मौके पर सूचना आयुक्त जेएस कुंडू ने परिषद के प्रतिनिधि को जमकर लताड़ लगाई और सूचना अधिकारी पर 3000 रुपये पैनल्टी लगाई।