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इस बार फिर बजट से उम्मीदें रह गईं अधूरी

Tue, 22 Mar 2016 01:48 AM IST
jhajjar
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... सिर्फ सिंचाई परियोजना में हिस्सेदारी
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- न रिजनल सेंटर को और न पुरातत्व संग्रहालय को मिला बजट
- न मिला कॉलेज और न ही सीएम घोषित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का बजट
- झज्जर के लिए बजट में कंजूसी कर गए वित्त मंत्री कै. अभिमन्यु
फोटो-6 से 15 और 19 से 22 तक
अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। बजट में झज्जर कटोरा खाली रह गया। छह जिलों के लिए घोषित 143 करोड़ की सिंचाई परियोजना को छोड़ दें तो विकास परियोजनाओं की शेष उम्मीदें धरी की धरी रह गईं। जूतों पर टैक्स घटने से भले ही बहादुरगढ़ में जूता उद्योग को संजीवनी मिली, हो लेकिन न तो बजट में जिले को कोई कॉलेज मिला और न ही बेहतर स्वास्थ्य की सुविधा के लिए कोई पीएचसी या अन्य संस्थान। पहले से घोषित बागवानी विश्वविद्यालय के रिजनल केंद्र के लिए भी वित्त मंत्री ने बजट की व्यवस्था नहीं की। इसके अलावा सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट, स्वामी ओमानंद सरस्वती पुरातत्व संग्रहालय को भी दिशा नहीं मिली। सीएम द्वारा की गई घोषणाओं के लिए भी बजट नहीं मिला। इन सबके बावजूद भाजपाई जहां बजट की सराहना कर रहे हैं, वहीं व्यापारी वर्ग भी नए टैक्स न लगने से राहत महसूस कर रहा है। गृहिणी महंगाई घटाने की कोई व्यवस्था न होने से बजट को बिसरा रही हैं। वहीं ग्रामीणों व किसानों को फसल बीमा योजना, ग्रामीण विकास के लिए मिले बजट से विकास की कुछ उम्मीद जरूर बंधी हैं। बजट को लेकर चली चर्चा का हाल यह रहा कि एक तरफ से लोग इसे संतुलित बताते रहे, वहीं दूसरी तरफ से कहते रहे कि हमें तो कुछ मिला ही नहीं। झज्जर चूूंकि पिछले दिनों जाट आंदोलन के दौरान जबरदस्त हिंसा झेल चुका है, इस कारण यहां के लोग बजट से कुछ ज्यादा ही उम्मीदें लगाए बैठे थे, लेकिन सब को मायूस होना पड़ा है। हिंसा पीड़ित दुकानदारों के लिए कुछ करों में राहत जरूर मिली, लेकिन कई अन्य मांगों पर उनको निराशा हाथ लगी है। गांव सिलाना में महिला कॉलेज की मांग भी काफी समय से उठ रही थी, यहां भी वित्त मंत्री दुबकी मार गए। युवाओं को टीस है कि रोजगार के लिए कोई कदम नहीं उठाए गए हैं।
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बजट में जिले का ध्यान नहीं रखा : भुक्कल
झज्जर की तरफ तो वित्त मंत्री ने देखा तक नहीं। प्रदेश के बजट में सराहने लायक कुछ नहीं है। वित्त मंत्री ने केवल कर रहित बजट का झुंझना दिया है। न कर्मचारियों का जिक्र हुआ है और न ही व्यापारी वर्ग को कुछ मिला। केवल दिखावटी बातों पर जोर दिया गया है। अरे कम से कम अपने सीएम की घोषणाओं को पूरा करने के लिए तो बजट झज्जर को दे देते।
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- गीता भुक्कल, विधायक झज्जर (फोटो-22)
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सीएम के वादों को भूल चुकी है सरकार: कबलाना
भाजपा सरकार के दूसरे बजट से भी आभास नहीं हुआ कि प्रदेश में विकास होगा। असल में भाजपा कहती कुछ और है और करती कुछ और है। झज्जर की तरफ तो वित्त मंत्री ने देखा ही नहीं। चुनावी वादों को भी सरकार भुला चुकी है और सीएम की घोषणाओं को भी। क्षेत्र की जनता समझ चुकी है कि उनको सरकार कुछ देना नहीं चाहती।
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- संजय कबलाना, युवा इनेलो अध्यक्ष (फोटो-21)

भाजपा-हर वर्ग के विकास की योजना
प्रदेश का बजट बहुत ही संतुलित और बिना कोई भार डालने वाला है। यह बजट विकास के नए दरवाजे खोलने वाला है। विपक्ष का तो काम ही अच्छी परियोजनाओं को नकारना है, फिर उम्मीद भी कैसे करें कि वो प्रदेश हित में बजट का स्वागत करेंगे। ग्रामीण विकास, सिंचाई, किसानों के लिए सरकार ने खजाना खोल दिया है। जनता से कुछ लिया नहीं बल्कि दिया बहुत कुछ है।
- ओपी धनखड़, कृषि मंत्री (फोटो-24)
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