झज्जर। सोमवार यानी 3 नवंबर से रजिस्ट्री का काम पूरी तरह से पेपरलेस व ऑनलाइन प्रणाली से किया जाएगा। नई व्यवस्था से नागरिकों को सुविधा मिलेगी और समय की बचत होगी। वहीं, शुक्रवार को अंतिम दिन पुराने सिस्टम से ही 255 रजिस्ट्री हुई।
पुराने सिस्टम के जरिये लोगों ने ऑनलाइन आवेदन करके कार्यालय में कागजात जमा करवाए। इसके बाद ही रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी हुई। जिले में शुक्रवार को 255 रजिस्ट्री पुराने सिस्टम के अनुसार की गई। इसमें सबसे ज्यादा 82 रजिस्ट्री बहादुरगढ़ में की गई। इसके अलावा 75 रजिस्ट्री झज्जर तहसील कार्यालय में हुई।
पुराने सिस्टम के आधार पर रजिस्ट्री करवाने का शुक्रवार को अंतिम दिन था ऐसे में जिले में 351 लोगों ने रजिस्ट्री करवाने के लिए ऑनलाइन टोकन लिए हुए थे। इसमें से कुल 255 रजिस्ट्री शुक्रवार को की गई। इसमें 28 रजिस्ट्री संबंधित एसडीएम, 25 रजिस्ट्री डीआरओ और बाकी रजिस्ट्री संबंधित तहसीलदारों ने की।
अब सोमवार से पेपरलेस रजिस्ट्री का काम शुरू होगा। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। सभी संबंधित तहसीलदारों व अन्य अधिकारियों के आईडी पासवर्ड जरनेट कर दिए गए हैं। डीड राइटर के भी आईडी पासवर्ड जारी कर दिए गए हैं।
सभी तहसीलों में सोमवार से रजिस्ट्री का काम पेपरलेस किया जाएगा। अब केवल एक बार ही आवेदन के लिए आना होगा। पहले लोगों को स्टांप खरीदने पड़ते थे लेकिन अब स्टांप की राशि भी ऑनलाइन जमा होगा। इसलिए शुक्रवार को उन लोगों की भीड़ ज्यादा रही जिन लोगों ने स्टांप पहले ही खरीदे हुए थे।
अब ऐसे होगा रजिस्ट्री का काम
सोमवार से जिसकी भी रजिस्ट्री होगी वह पोर्टल पर ऑनलाइन जमीन से संबंधित दस्तावेज अपलोड करेंगे। स्टांप का भुगतान भी ऑनलाइन सरकारी खजाने में किया जाएगा। जैसे ही सारे दस्तावेज अपलोड होंगे वह संबंधित तहसीलदार के पास दिखाई देने शुरू हो जाएंगे। इसके बाद पांच दिन के अंदर रजिस्ट्री क्लर्क सारे दस्तावेज देखेंगे। यदि कोई कमी होगी तो रजिस्ट्री कराने वाले को तुरंत बताएंगे। कमी पूरी करने के बाद आवेदकों को टोकन देकर केवल एक बार फोटो व साइन करने के लिए ही आना होगा। रजिस्ट्री भी ऑनलाइन मिल जाएगी।
कहां कितनी रजिस्ट्री हुई
तहसील रजिस्ट्री की संख्या
बादली 51
बहादुरगढ़ 82
बेरी 15
झज्जर 75
मातनहेल 32
वर्जन
पेपरलेस रजिस्ट्री का काम सोमवार से शुरू हो जाएगा। सभी तहसीलदार, डीड राइटर के आईडी पासवर्ड जरनेट कर दिए गए हैं। इस नई प्रक्रिया से लोगों को लाभ होगा।-मनबीर सिंह, जिला राजस्व अधिकारी