झज्जर। 28 अगस्त से 8 सितंबर तक आबू धाबी में आयोजित एशियन मुक्केबाजी चैंपियनशिप में झज्जर के मुक्केबाज नितिन ढाकला ने भी 40 किलो भारवर्ग में भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। नितिन ने रजत पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया।
गांव ढाकला में नितिन के घर बधाई देने का तांता लग गया। कोच हितेश देशवाल ने बताया कि नितिन का परिवार साधारण परिवार से संबंध रखता है। उसके पिता राजेश ढाकला, माता मूर्ति देवी, नितिन के दादा नफे सिंह है। दादा नफे सिंह ने अपने पोते को मुक्केबाज बनाने की ठानी थी। उन्होंने बताया कि नितिन के दादा एक बार दादा ने झज्जर स्टेडियम में मुक्केबाजी देखने आए और घर जाकर अपने पोते को बॉक्सर बनने को कहा। अगले ही दिन कोच हितेश देशवाल के पास मुक्केबाजी की गुर सीखने के लिए छोड़ दिया। पिछले 3 वर्षों से नितिन अपने गुरु हितेश देशवाल की देखरेख में प्रैक्टिस कर रहे हैं। मेहनत से नितिन ढाकला ने विदेशी धरती पर चांदी जीती। नितिन पहले भी राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतकर अपने मुक्कों का दम दिखा चुका है। कोच हितेश ने कहा कि नितिन होनहार खिलाड़ी है। वह अपना काम बड़ी ईमानदारी व लग्न से करता है। आज उसे इसका फल मिला है। नितिन ने सारा श्रेय अपने गुरु हितेश और अपने दादा नफेसिंह और माता पिता को दिया है। इस खुशी के मौके पर हरियाणा मुक्केबाजी प्रधान मेजर सतपाल सिंधु, खजांची प्रवीर गहलोत, प्रशासनिक चेयरमैन ओमवीर हुडा, चयन कमेटी चेयरमैन अर्जुन अवार्डी जयभगवान, दिनेश दादा अर्जुन अवॉर्डी, जिला मुक्केबाजी प्रधान सोमबीर अहलावत, मुख्य संरक्षक सूरजभान जाखड़, मंजीत डीपीई ने कोच हितेश देशवाल और मुक्केबाज नितिन को बधाई दी।