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ईंट भट्ठा उद्योग को एनजीटी की ना, प्रदूषण बोर्ड की हां के बीच उलझा प्रशासन

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NGT to the brick kiln industry, the pollution board's administration got confused between yes - फोटो : Jhjhar
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ईंट भट्ठों के संचालन को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए एनजीटी ने पांच मार्च तक ईंट भट्ठों के संचालन पर रोक लगाई हुई है। लेकिन जिले में अधिकांश ईंट भट्ठे एक फरवरी के बाद से चल रहे हैं। उपायुक्त की ओर से इन भट्ठों को बंद करने के आदेश भी जारी किए जा चुके हैं। लेकिन इन ईंट भट्ठों को बंद नहीं किया गया है। इसी बीच केंद्रीय पर्यावरण एवं प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन भूरेलाल ने एनसीआर में जिगजैग सिस्टम वाले ईंट भट्ठों के संचालन से 15 फरवरी से रोक हटा दी है। यह आदेश शनिवार को जारी कर दिए गए हैं।
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इन्हें भेजी आदेश की प्रति
केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड की तरफ से जारी गए आदेश की प्रति हरियाणा प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा, अतिरिक्त मुख्य सचिव धीरा खंडेलवाल, चेयरमैन अशोक खेत्रपाल आदि को भी भेजी गई है। शनिवार को जारी हुए पत्र के बाद ईंट भट्ठा संचालकोें में खुशी की लहर अवश्य होगी। लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों के लिए स्थिति असमंजस की बन गई है। प्रतिबंध के बावजूद एक फरवरी से ईंट भट्ठे धड़ल्ले से चल रहे हैं। पिछले सप्ताह उपायुक्त ने ईंट भट्ठों पर रोक लगाने के लिए आदेश जारी किए थे। लेकिन किसी भी ईंट भट्ठा संचालक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाई। इसी बीच इनको लेकर नए आदेश केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन की तरफ से जारी कर दिए गए हैं।
जिले में 368 ईंट भट्ठे
झज्जर जिले में ईंट बनाने के लिए खाद्य आपूर्ति विभाग के आंकड़ों के अनुसार 368 ईंट भट्ठे हैं। इन में 364 को जिगजैग सिस्टम में तब्दील किया जा चुका है। पिछले करीब चार माह से बढ़ते प्रदूषण के स्तर को देखते हुए एनजीटी के आदेश पर ईंट भट्ठों के संचालन को बंद किया गया था। लेकिन ईंट भट्ठा संचालकों की तरफ से एक फरवरी को इन्हें चालू कर दिया गया था। उसके बाद पिछले सप्ताह उपायुक्त ने ईंट भट्ठा संचालकों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश जारी किए थे और ईंट भट्ठों को बंद करवाने के लिए कहा था।
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निर्माण कार्य हो रहे थे प्रभावित
ईंट भट्ठे बंद होने के कारण ईंटों की कमी हो गई थी। इसकी वजह से निर्माण कार्य भी पूरी तरह से प्रभावित हो गए थे। लेकिन एक फरवरी के बाद ईंट भट्ठे चलने के कारण एक बार फिर से निर्माण कार्य भी चालू हो गए हैं।
शनिवार को केंद्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड के चेयरमैन के आदेश आए हैं। इनमें जिगजैग वाले ईंट भट्ठे चलाए जाने के लिए कहा गया है। जबकि एनजीटी की तरफ से पांच मार्च तक भट्ठे बंद रखने के लिए कहा गया है। इस बारे में सोमवार को स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
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जेपी सैनी, निरीक्षण, खाद्य आपूर्ति विभाग, झज्जर।
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