गांव जोरासी, तावडू जिला नूंह निवासी लक्ष्मण ने पुलिस को बताया कि बेटी की शादी विशाल से 5 दिसंबर 2025 को हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद से ही ससुराल पक्ष ने परेशान करना शुरू कर दिया। कहा कि दामाद रानी को लेने नहीं आता था और दोनों के बीच अक्सर विवाद रहता था।
उन्होंने बताया कि सोमवार रात करीब एक बजे रानी के जेठ सचिन का फोन आया कि जल्दी बहादुरगढ़ पहुंचे। उनके पूछने पर कारण नहीं बताया। बाद में दामाद ने फोन पर बताया कि रानी ने फांसी लगा ली है। सूचना मिलते ही परिजन देर रात बहादुरगढ़ पहुंचे तो बेटी मृत मिली।
पिता का कहना है कि उनकी गुड़िया को इंसाफ मिलना चाहिए और पूरे मामले की गहन जांच होनी चाहिए। उनकी बेटी पढ़ी लिखी थी वह फंदा नहीं लगा सकती। उसकी हत्या की गई है। पति विशाल घर पर ही रहते थे और रानी गृहिणी थीं।
पिता बोले-रोते हुए कहती थी, मुझे ले जाओ
माता रविता ने बताया कि तीन महीने में शादी के बाद वह केवल दो बार मायके आई थी। पिता ने कहा, 1 मार्च को रानी ने मां से दोपहर करीब ढाई बजे फोन पर बात की थी। वह अक्सर रोते हुए कहती थी, मुझे लेने आ जाओ।
वर्जन
रात एक बजे नवविवाहिता की फंदा लगाकर जान देने की सूचना मिली थी। वे अस्पताल पहुंचे और शव को नागरिक अस्पताल में भिजवाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर जांच की जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-अमित कुमार, एएसआई, जांच अधिकारी
-फोटो 90 : बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल पहुंचे मृतका रानी के परिजन। संवाद
-फोटो 90 : बहादुरगढ़ के नागरिक अस्पताल पहुंचे मृतका रानी के परिजन। संवाद