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बैंकों में पहुंचा 15.16 करोड़ का कैश, एटीएम पर मिली राहत

Fri, 16 Dec 2016 01:13 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर
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न्यू करेंसी - फोटो : bureau
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बैंकों में कैश लेने के लिए अल सुबह ही पहुंचे लोगों को उस समय राहत मिली, जब उन्हें बैंक खुलने पर कैश मिलना शुरू हो गया। वीरवार को जिले के बैंकों में 15 करोड़ 16 लाख की नकदी पहुंची, जिसके चलते अधिकतर बैंकों के एटीएम में कैैश डाला गया। एटीएम में कैश पहुंचने की सूचना मिलते ही बूथों के आगे लंबी कतारें लग गईं, जो देर शाम तक जारी रहीं।
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बैंकों में लगातार दूसरे दिन कैश सही मात्रा में पहुंचने के कारण लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं महीने के शुरुआती 13 दिनों में तो लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा पड़ा था, क्योंकि कैश केवल 8 से 11 करोड़ तक पहुंच पाया था। वहीं लीड बैंक पीएनबी ने अपने एटीएम में 15 लाख डाले तो ग्राहकों को बैंक से 4-4 हजार रुपये देकर निपटाया।

पेटीएम की राशि नहीं पहुंची खाते में
यादव धर्मशाला के नजदीक स्थित भारत पेट्रोलियम के पंप प्रबंधन कैशलेस योजना को बढ़ावा देने के सरकारी प्रचार से प्रभावित होकर बुधवार से ही पेटीएम से पैसा लेना शुरू किया था और ग्राहकों को तेल डालना शुरू किया था।
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बुधवार को पंप पर 4660 रुपये का तेल डाला गया था, लेकिन वीरवार सुबह तक जब यह पैसा खाते में नहीं आया तो उन्होंने दिन में पेटीएम से लेनदेन बंद कर दिया। मैनेजर रामनिवास ने बताया कि इस बारे में साइबर के जानकारों से बातचीत की जा रही है, अगर खाते में पैसा आ गया तो वे फिर से इसे लागू कर देंगे।

महिला ने की बदतमीजी, मैनेजर ने बुलाई पुलिस
धौड़ चौक के नजदीक स्थित यस बैंक में कैश लेने के लिए पहुंची एक महिला ने मैनेजर के साथ बदतमीजी की, जिस पर मैनेजर अरुण सैनी ने 100 नंबर पर फोन कर पुलिस बुला ली। पुलिस के आने से पहले ही महिला मौके से चली गई।

वहीं पुलिस के पहुंचने पर मैनेजर अरुण सैनी ने बताया कि उनके बैंक में पहुंचे कैश के हिसाब से उन्होंने 100 लोगों को टोकन देकर निपटा दिया था, जिसके बाद एक महिला कैश के लिए आई तो उन्होंने कहा कि वो कल सुबह नौ बजे पहुंचकर टोकन ले ले, जिसके बाद उसे कैश दे दिया जाएगा। इस पर महिला ने उन्हें गालियां देना शुरू कर दिया। उन्होंने हंगामा होने के डर से 100 नंबर पर फोन कर इसकी जानकारी दे दी।

जन स्वास्थ्य विभाग के 159 डिफॉल्टारों ने जमा कराए 10 लाख
नोटबंदी के बाद जन स्वास्थ्य विभाग ने अपनी डिफॉल्टिंग राशि और डिफॉल्टरों की लिस्ट को छोटा करने के लिए 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों को लेना शुरू कर दिया, जिसके लिए बाकायदा शहर में लाउड स्पीकर से प्रचार भी किया गया।

इससे प्रभावित होकर 159 पुराने डिफॉल्टरों, जिनकी डिफॉल्टिंग राशि 5 हजार से ऊपर थी, ने अपना बकाया बड़े नोटों में जमा करवा दिया। वहीं कुछ अन्य लोगों ने भी 10 दिसंबर तक करीब 10 लाख रुपये विभाग के खाते में जमा करवा दिए। वहीं लीड बैंक मैनेजर एलडी शर्मा का कहना है कि वीरवार को जिले के बैंकों के लिए 15 करोड़ 18 लाख रुपये का कैश पहुंचा, जिसके चलते अधिकतर एटीएम को चलाया गया और बैंकों में देर शाम तक कैश बंटता रहा।
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