दो माह पहले शुरू हुआ नया बस स्टैंड विभाग की लापरवाही के कारण बीमार सा दिखाई देने लगा है। विभाग के किसी भी अधिकारी को इस बात की परवाह नहीं। गर्मी के मौसम में यात्रियों की सुविधा के लिए लगाए गए पंखे शरारती तत्वों ने तोड़ दिए हैं, जोकि विभाग की लापरवाही को उजागर कर रहे हैं। आपको बता दें की नए बस स्टैंड पर यात्रियों की सुविधा के लिए की गई व्यवस्थाएं कुछ ही दिनों में शरारती तत्वों की भेंट चढ़ गई, लेकिन विभाग आंख बंद किए सोया हुआ है। कोई भी अधिकारी उन स्लोगनों की तरफ ध्यान नहीं दे रहा जो हर नई सरकार द्वारा दीवारों पर चस्पा किए जाते हैं कि सरकारी संपत्ति आपकी अपनी संपत्ति है इसकी देखरेख आपकी खुद की जिम्मेदारी है।
करीब दो माह पूर्व मुख्यमंत्री ने किया था उद्घाटन
मुख्यमंत्री द्वारा नए बस स्टैंड का उद्घाटन किया गया था, लेकिन इन दो माह में ही बस स्टैंड परिसर की छत पर लगे हुए पंखों को तोड़ मरोड़ कर नीचे झुका दिया गया है। यहां पर पंखों की हालात ऐसी बना दी गई है। जैसे कोई देखभाल करने वाला ही नहीं है, लेकिन देखने वाली बात तो ये है कि करोड़ों रुपये की लागत से तैयार बस स्टैंड को के लिए सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की गई है या सुरक्षा गार्डों की कमी आड़े आ रही है या फिर आधिकारिक तबका इसे सरकारी संपत्ति समझकर इस ओर ध्यान देने से ही गुरेज कर रहा है। कारण चाहे कोई भी हो, लेकिन ये बात तो सच है कि इस प्रकार से शरारती तत्वों के बस स्टैंड परिसर में घुसकर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाकर चले जाने और उन पर किसी भी प्रकार की कोई कार्रवाई न होना आधिकारिक आंख मिचौली तो जरूर है। पंखों की ये हालत हुए दो माह हो चुका है, लेकिन विभाग द्वारा गर्मी के इस मौसम में उन्हें अब तक ठीक करवाने की भी जहमत नहीं उठाई गई है।