बहादुरगढ़। हरियाणा में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजों में बहादुरगढ़ में न कमल खिला, न हाथ मजबूत हुआ, न झाड़ू और न ही चश्मा अपना रुतबा दिखा पाया। बल्कि निर्दलीय प्रत्याशी राजेश जून की सुनामी में सभी दलों के प्रत्याशी बह गए।
राउंड दर राउंड वे जीत दर्ज कर रिकार्ड बनाते रहे। यह बहादुरगढ़ के राजनीतिक इतिहास में एक निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर ऐतिहासिक जीत है। राजेश जून ने अपनी जीत को बहादुरगढ़ हलके के लोगों की जीत बताया है। उन्होंने कहा कि जनता ने उन्हें जो आशीर्वाद दिया है उनके मान-सम्मान को कभी कम नहीं होने दूंगा। बहादुरगढ़ हलके का विकास कराना ही प्राथमिकता होगी। जो भी सरकार प्रदेश में बनेगी, मैं उसी के साथ मिलकर बहादुरगढ़ का विकास करूंगा। बहादुरगढ़ पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत हुआ।
नव निर्वाचित विधायक राजेश जून ने कहा कि जनता ने जो विश्वास मुझ पर जताया है मैं उसपर खरा उतरूंगा। बहादुरगढ़ हलके का विकास कराने और लोगों का सम्मान करने में कोई कसर नहीं छोडूंगा। मेरी इच्छा है कि मुझे जनता के कार्य कराने हैं। कांग्रेस पार्टी का सिपाही रहा हूं, लेकिन कांग्रेस ने मेरे साथ धोखा किया है। मुझे न कांग्रेस से परहेज है और न ही भाजपा से। मैं किसी एक पार्टी की गोद में नहीं बैठूंगा, बल्कि जनता के काम कराने के लिए जिसकी सरकार होगी, उसके साथ रहकर बहादुरगढ़ का विकास करूंगा। उन्होंने कहा कि उनकी प्राथमिकता बदहाल सड़कों को दुरुस्त करवाना है और आमजन की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर निदान करवाना है।