बहादुरगढ़। दिल्ली मेट्रो के सभी कॉरिडोर पर इस माह के अंत तक नेशनल कॉमन मोबिलिटी कार्ड (एनसीएमसी) और क्यूआर कोड से किराया भुगतान की सुविधा शुरू हो सकती है। इसके लिए स्टेशनों पर लगे औसतन दो ऑटोमेटिक फेयर कलेक्शन गेट (एएफसी) के हार्डवेयर और साॅफ्टवेयर में बदलाव की प्रक्रिया पूरी हो गई है। हालांकि अभी क्यूआर कोड के जरिए किराया भुगतान के तकनीकी पहलुओं पर काम चल रहा है। डीएमआरसी ने अभी तक इसके लिए कोई तारीख तय नहीं की है, लेकिन दावा किया जा रहा है कि माह के अंत तक इसे भी पूरा कर लिया जाएगा।
अभी इन लाइनों पर चल रहा है कार्य
मौजूदा समय में दिल्ली मेट्रो की सिर्फ एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर एनसीएमसी और क्यूआर कोड से किराया भुगतान की सुविधा है। एनसीएमसी के रूप में रुपे डेबिट कार्ड से किराया भुगतान का प्रावधान है। इसके अलावा राइडलर (आरआईडीएआर) मोबाइल एप से क्यूआर कोड आधारित टिकट लेकर किराया भुगतान की सुविधा है। एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर सितंबर 2018 में यह सुविधा शुरू की गई थी। इसके करीब साढ़े चार वर्ष बाद भी अन्य कॉरिडोर पर यह सुविधा शुरू नहीं हो पाई है।
2022 में शुरू होनी थी सुविधा
डीएमआरसी ने 2022 के अंत तक सभी कॉरिडोर पर एनसीएमसी क्यूआर कोड से किराया भुगतान की सुविधा शुरू करने का लक्ष्य रखा था। बाद में यह समय सीमा बढ़ाकर मार्च निर्धारित की गई, लेकिन अब डीएमआरसी अप्रैल के अंत तक यह सुविधा शुरू करने की बात कह रहा है। यह सुविधा शुरू होने से यात्रियों को किराया भुगतान के लिए स्मार्ट कार्ड रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। रुपे डेबिट कार्ड ही एनसीएमसी के रूप में इस्तेमाल हो सकेगा। मोबाइल से क्यूआर कोड कर टिकट लेकर किराया भुगतान होगा।