झज्जर। नगर परिषद के अधीन शहर की 42 हजार से ज्यादा प्रॉपर्टी हैं। सभी का सत्यापन किया जाना है, लेकिन अब तक केवल 9900 प्रॉपर्टी का ही ऑनलाइन सत्यापन हो पाया है।
सभी प्रॉपर्टीधारकों से नगर परिषद हर साल प्रॉपर्टी टैक्स वसूल करता है। इनमें किसी प्रकार की कोई तकनीकी या अन्य जानकारी गलत न हो, इसके लिए नगर परिषद की तरफ से शहर की सभी प्रॉपर्टी का ऑनलाइन सत्यापन करवाया जा रहा है। पिछले 6 माह से बार-बार सत्यापन का काम किया जा रहा है, लेकिन इसे पूरा करने में प्रशासन सफल नहीं हो पा रहा है। अब तक 32 हजार प्रॉपर्टी का सत्यापन नहीं हो सका है। वहीं दावा किया जा रहा है कि नगर परिषद के कर्मचारी बार-बार फोन करके लोगों को प्रॉपर्टी सत्यापन के लिए कार्यालय बुला रहे हैं, लेकिन लोगों की अनदेखी के चलते यह काम पूरा नहीं हो पा रहा है।
लोगाें को विश्वास में नहीं ले पा रहे कर्मचारी
नगर परिषद ने प्रॉपर्टी सत्यापन के लिए वार्ड अनुसार कैंप लगाए। दावा है कि घर-घर जाकर दस्तक भी दी थी, लेकिन फिर भी नगर परिषद इस काम को पूरा नहीं कर सकी है। दरअसल, प्रॉपर्टी सत्यापन के दौरान ओटीपी आता है, इसलिए फ्रॉड न हो जाए, इस डर से लोग ओटीपी शेयर नहीं करते और सत्यापन का काम नहीं करवाते जबकि कर्मचारी भी लोगाें को विश्वास में नहीं ले पा रहे हैं।
दो दिन में केवल 45 लोगों का हुआ सत्यापन
पिछले सप्ताह भी शनिवार व रविवार को लाल डोरा, आबादी देह व अन्य लोगों की प्रॉपर्टी सत्यापन का काम नगर परिषद कर्मचारियों ने किया था। दोनों दिन कार्यालय में कर्मचारी छुट्टी के दिए भी आए, लेकिन लोगों ने रुचि नहीं दिखाई। केवल पहले दिन शनिवार को ही 45 लोगों ने सत्यापन कराया, लेकिन रविवार को कोई भी सत्यापन के लिए कार्यालय नहीं आया था।
प्रॉपर्टी सत्यापन का काम किया जा रहा है ताकि उसमें त्रुटियाें को दूर कर ऑनलाइन किया जा सके। अब तक लगभग 9900 प्रॉपर्टी का सत्यापन हुआ है। शहर में कुल 42 हजार प्रॉपर्टी हैं। लोगों से अपील है कि वह अपनी प्रॉपर्टी का सत्यापन करवाएं।
राजपाल, क्लर्क, प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच, नगर परिषद, झज्जर