नगरपालिका के द्वारा शहर के विकास कार्य को लेकर लगाए गए 42 टेंडर अब रद्द करने की तैयारी चल रही है। ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि ठेकेदारों ने नगरपालिका के द्वारा तय किए गए एस्टीमेट से अधिक माइनस में रेट भर दिए गए हैं। ऐसे में नपा को संशय है कि ठेकेदार इतने कम बजट में सही कार्य नहीं करेंगे।
इसी के चलते नपा अब सभी टेंडर को रद्द करने की तैयारी कर रही है। टेंडर रद्द होते हैं तो शहर विकास कार्यों के मामले में तीन माह पीछे चला जाएगा क्योंकि आदर्श आचार संहित अगले एक या दो दिन में लग जाएगी। इस दौरान नए टेंडर आमंत्रित नहीं किए जा सकते। वहीं इसके बाद भी करीब डेढ माह का समय लग जाएगा।
धांधली के आरोपों के बीच लाइट टेंडर रद्द की सिफारिश
शहर में स्ट्रीट लाइट लगवाने व रिपेयर करने के टेंडर को भी नपा एमई के द्वारा रद्द करने की सिफारिश की गई है। जिस एजेंसी के नाम पर टेंडर निकला है, उसने अपना डीडी सही नहीं लगाया है। इसके बावजूद भी उसका आवेदन रद्द नहीं हुआ तो दूसरे ठेकेदारों ने इसकी शिकायत की। वहीं पार्षद घनश्याम गुर्जर ने भी इसकी लिखित शिकायत नपा सचिव को देकर जांच करवाने की बात रखी है। इसी के चलते अब करीब पांच करोड़ का यह कार्य रद्द करने की तैयारी है।
शहर में होने थे ये विकास कार्य
शहर के सभी 19 वार्डों की गलियों के निर्माण, पुलिया मरम्मत, वार्डों में साइन बोर्ड लगवाने तथा शहर में 60 लाख रुपये की लागत से चार गेट बनवाने के टेंडर लगाए गए थे। इन सभी कार्यों पर करीब छह करोड़ रुपये खर्च किए जाने थे। लेकिन अब इन टेंडर को रद्द किया जा रहा है। वार्डों के विकास कार्यों को अगर रद्द नहीं किया जाता तो भी आचार संहिता से पहले वर्क आर्डर जारी किया जाना संभव नहीं था।
वर्जन
लाइटों का टेंडर फर्म की गलती के कारण रद्द किया जा रहा है। वहीं शहर के अन्य विकास कार्यों के टेंडर रेट से अधिक माइनस में जाने के कारण रद्द करने की तैयारी चल रही है। क्योंकि शहर के विकास कार्यों में निर्माण सामग्री से किसी प्रकार समझौता नहीं किया जा सकता। रेट कम रहेंगे तो घटिया सामग्री लगने की आशंका बनी रहती है। इसी के चलते ऐसा किया जा रहा है।
- उमेश नंदवानी, चेयरमैन प्रतिनिधि, नपा झज्जर।