झज्जर। जिले में सरसों और गेहूं की फसल पकने के अंतिम दौर में है। हालांकि कुछ जगह सरसों पक चुकी है और कटाई भी शुरू हो गई है। किसान अपनी सरसों की फसल को मंडी में लाने को तैयार हैं, लेकिन झज्जर की अनाज मंडी तैयार नहीं है। मंडी में अब तक न तो सफाई करवाई गई है और न ही शेड तैयार है। शेड ऊपर से गल चुका है, इसे टुकड़ों से ढका गया है। मंडी में अनावश्यक पौधे उगे हुए हैं और गंदगी की भरमार है।
स्थिति यह है कि पिछले दो साल से अनाज मंडी में एटीएम और धर्मकांटा लगाए जाने का काम चल था, जो अब तक अधूरा है। एटीएम के लिए कैबिन बना दिया गया है, लेकिन एटीएम नहीं लगा है। धर्मकांटा भी लगा है, लेकिन चालू नहीं हुआ है। मंडी प्रशासन को सीजन शुरू होने का इंतजार है। बताया जा रहा है कि इसी दौरान धर्मकांटा शुरू किया जाएगा। पूरी मंडी में केवल एक ही शेड लगा हुआ है। इसके चलते शेड से बाहर तक सरसों और गेहूं रखा जाता है। बरसात के दौरान फसल पूरी भीग जाती है। इस कारण किसानों की फसल खराब हो जाती है। मंडी के आढ़ती इन समस्याओं को लेकर सचिव सहित अन्य अधिकारियों को मांग पत्र भी दे चुके हैं, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही।
दो साल में कई गुणा बढ़ी आवक, खुले में रखनी पड़ रही फसल
झज्जर अनाज मंडी में दो साल में आवक कई गुणा बढ़ चुकी है। दो साल पहले तक झज्जर अनाज मंडी में सरसों की सरकारी खरीद नहीं होती थी। पिछले साल से सरकारी खरीद शुरू हुई है। ऐसे में सरसों की आवक कई गुणा बढ़ चुकी है। 2022-23 में झज्जर मंडी में केवल 10467 क्विंटल ही प्राइवेट सरसों की खरीद हुई थी, लेकिन पिछले साल सरकारी खरीद होने के चलते मंडी में दो लाख 16 हजार 803 क्विंटल सरसों की खरीद हुई है। इसी प्रकार से 2022-23 में झज्जर मंडी में एक लाख 21 हजार 204 क्विंटल गेहूं की आवक हुई थी, लेकिन पिछले साल यहां पर 4 लाख 51 हजार 76 क्विंटल गेहूं की खरीद हुई। ऐसे में केवल एक ही शेड से काम चलाना मुश्किल है और खुले आसमान के नीचे हर साल फसल रखनी पड़ती है।
अब तक सरकारी खरीद के नहीं आए आदेश
विभागीय अधिकारियों के पास अब तक सरकारी खरीद की तिथि के आदेश नहीं आए हैं। सरसों की प्राइवेट खरीद 4800 से 5 हजार तक है जबकि सरकारी खरीद 5600 से अधिक है। ऐसे में पिछली बार की तरह इस बार भी सरकारी खरीद का ही किसान इंतजार कर रहे हैं। जिले में इस समय 15 हजार एकड़ में सरसों की कटाई हो चुकी है। अनाज मंडी में केवल अब तक एक ही ढेरी आढ़ती के पास आई है। उसे भी सुखाने का काम किया जा रहा है, इसकी खरीद नहीं की गई है।
सरसों का एक लाख और गेहूं का 2.50 लाख एकड़ एरिया
जिले में सरसों लगभग एक लाख एकड़ तथा गेहूं लगभग 2.50 लाख एकड़ में बोई गई है। इस समय लगभग 15 हजार एकड़ में सरसों की कटाई हो चुकी है, जबकि गेहूं की कटाई में अभी समय लगेगा।
किसान भवन में एक्सईएन कार्यालय बनाया
सीजन के दौरान किसान अपनी फसल मंडी में लाता है। सरकार ने उनके रुकने के लिए किसान भवन बनाया हुआ है, लेकिन इस किसान भवन में एक्सईएन कार्यालय बना हुआ है। अब यहां किसानों के रुकने के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। यदि देर-सवेर किसान को फसल बेचने के लिए रुकना पड़े तो उसे खुद ही व्यवस्था करनी पड़ती है।
मंडी में सफाई व्यवस्था का बुरा हाल
मंडी में कई समस्याएं हैं, जिनको लेकर स्थानीय प्रशासन से मिला जा चुका और लिखित में ज्ञापन भी दिया गया है। इसमें मुख्य रूप से मंडी की सफाई है। जगह-जगह गंदगी पड़ी है। शेड की हालत खराब है। एक नया शेड बनाने की मांग की जा चुकी है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा। एटीएम, धर्मकांटा अब तक शुरू नहीं हुआ है। सरकार को चाहिए कि सरसों कटाई शुरू हो गई है और खरीद का काम शुरू किया जाए।
- हरेंद्र सिलाना, प्रधान, आढ़ती एसोसिएशन, अनाज मंडी
गलत दिशा के अनुसार लगाया गया धर्मकांटा
मंडी में दो साल से धर्मकांटा लगाने की प्रक्रिया चल रही थी। अब जाकर यह लगा है, लेकिन गलत दिशा में लगाया गया है। यह 90 डिग्री के अनुसार होता है, लेकिन यहां टेढ़ा लगा दिया है। इससे हादसा होने का खतरा रहेगा। शेड की हालत खराब है। बरसात के समय फसल भीग जाती है। एटीएम शुरू नहीं हुआ।
- चांद सिंह, पूर्व प्रधान, आढ़ती एसोसिएशन, अनाज मंडी, झज्जर
वर्जन
मंडी में सफाई का काम कराया जाएगा। फिलहाल खरीद को लेकर दिशा-निर्देश नहीं आए हैं। केवल सेंटर की सूची आई है। धर्मकांटा नक्शे के अनुसार बनाया गया है। जल्द ही एटीएम भी लग जाएगा। किसानों को सीजन में परेशानी नहीं आने दी जाएगी।
- सविता सैनी, सचिव एवं कार्यकारी अधिकारी, अनाज मंडी, झज्जर