फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एमई व जेई की कुर्सी खाली, नहीं बना एस्टीमेट, दस करोड़ के विकास कार्य अटके

विज्ञापन
निर्माणाधीन नपा कार्यालय - फोटो : Jhjhar
विज्ञापन
सीएम घोषणा के तहत शहर में करीब दस करोड़ रुपये विकास कार्यों पर खर्च होना है। लेकिन एमई व जेई की कुर्सी खाली होने के कारण एस्टीमेट भी नहीं बन पा रहा है। झज्जर नपा के एमई विवेक बेनीवाल को डिमोट कर बीआई बना दिया गया है तो जेई का पद सात माह से खाली है। यहां पर पिछले छह माह के दौरान चार एमई का तबादला हो चुका है। योगेश, नवीन, मंदीप व विवेक के तौर पर चार एमई इस दौरान रहे हैं। जब भी कोई एस्टीमेट बनाने की प्लानिंग करता है तो उससे पहले ही सीट खाली हो जाती है। ऐसे में विकास कार्यों का भार बढ़ता जा रहा है। पूर्व में तीन माह तक आचार संहिता के कारण टेंडर नहीं लग पाए थे तो अब एमई की सीट खाली होने से नहीं लग पा रहे।
विज्ञापन

इन कार्यों पर होने हैं दस करोड़ खर्च
सीएम घोषणा के तहत नपा की प्लानिंग के अनुसार शहर के आउटर एरिया की सड़कों के दोनों तरफ फुटपाथ बनाने पर पांच करोड़ रुपये खर्च करना तय किया गया है। वहीं तीन करोड़ रुपये की लागत से शहर को दूूधिया रोशनी से जगमग करने की लिए प्लानिंग है। वहीं शहीदी पार्क में रेनोवेशन के नाम एक करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं, जिसमें म्यूजिकल फव्वारे सहित अन्य चीजें भी शामिल हैं।
इन कार्यों की नहीं हो पा रही मॉनीटरिंग
शहर में दस करोड़ रुपये की लागत से नपा भवन, दमकल भवन, सुर्खपुर रोड तथा गाजीकमाल रोड का निर्माण चल रहा है। वहीं जल्द ही लाइब्रेरी भवन का निर्माण शुरू होना है। एमई व जेई का पद खाली होने के कारण इन विकास कार्यों की तकनीकी तौर पर मॉनीटरिंग नहीं हो पा रही। इसके साथ ही प्रगति वाले कार्यों के बिल भी अब नहीं बन पाएंगे, जिससे विकास कार्य बीच में ही रुकने की आशंका बन गई है।
विज्ञापन

वार्डों के विकास पर भी पड़ रहा असर
काफी समय से टेंडर नहीं लग पाने के कारण वार्डों के विकास पर भी नकारात्मक असर पड़ रहा है। नपा द्वारा पास किए गए एजेंडे के अनुसार हर वार्ड में करीब बीस लाख रुपये की लागत वाले विकास कार्य करवाए जाने थे, जिनके एस्टीमेट नहीं बनने के कारण टेंडर नहीं लग पा रहे। वहीं शहर के स्वागत द्वार तथा कॉलोनियों के दिशासूचक बोर्ड का मामला भी अधर में लटक गया है।
छह माह में चार एमई का तबादला हो चुुका है। इस दौरान लोकसभा चुनाव की वजह से भी टेंडर नहीं लग पाए। जेई का पद भी सात माह से खाली चल रहा है। उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया जा चुका है। शीघ्र ही नए एमई व जेई मिलने का आश्वासन मिला है। इसके बाद शहर के विकास कार्यों को पटरी पर लाया जाएगा।
विज्ञापन

नरेंद्र सैनी, नपा सचिव, झज्जर।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें