झज्जर। शहर को इस साल मिली खराब रेटिंग पर नपा सजग होता दिख रहा है। साल 2019 में झज्जर शहर नॉर्थ जोन में 106 पायदान लुढ़क 158 पर पर पहुंच गया था। ऐसे में इस साल अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है। खराब रेटिंग पर नपा की ओर से एमआरएफ (मेटिरियल रिकवरी फेसिलिटी सेंटर) बनाने की योजना तैयार कर ली है। सेंटर में नपा की ओर से कूड़ा बीनने का कार्य करवाया जाएगा। सेंटर में छोटे-छोटे स्टोर बनाकर हर प्रकार के कूड़े को अलग-अलग कर इसका वेस्ट मैनेजमेंट किया जाएगा किया जाएगा। अभी तक नपा झज्जर के पास कूड़े के वेस्ट मैनेजमेंट का साधन उपलब्ध नहीं थे। सेंटर शुरू होने के बाद झज्जर के कूूड़े का निस्तारण आसानी से किया जा सकेगा।
कोसली रोड पर साइट देख रहा नपा
नपा की ओर से प्रोजेक्ट के लिए प्लानिंग बनाकर मुख्यालय को भेजी जा चुकी है। एक माह के दौरान ही एक एकड़ की साइट पर कार्य शुरू कर दिया जाएगा। साइट को टीन शैड से कवर किया जाएगा। विभाग के द्वारा यह कार्य जमीन लीज पर लेकर किया जाएगा। साइट पर निर्माण कार्य भी विभाग की ओर से खुद करवाया जाएगा।
खुले में डाला जा रहा है अभी कूड़ा
नपा की ओर से वर्तमान में कूड़ा कोसली रोड पर खुले में डालकर एकत्रित किया जा रहा है। वहां से बड़ी गाड़ियों की सहायता से ऊटलोधा गांव में बनी नपा की साइट पर डाल दिया जाता है। इस साइट पर नपा खुले में अपना कूड़ा डाल रही है। सोमवार को इस साइट पर भी कमिश्नर ने पेड़ लगाने के लिए निर्देश दिए हैं ताकि आसपास का वातावरण प्रदूषित न हो।
नहीं हो रहा गीला व सूखा कूड़ा अलग
नपा की ओर से शहर में डोर टू डोर कूड़ा एकत्रित करने के लिए टेंडर छोड़ा गया है लेकिन ट्रालियों में गीला व सूखा कूड़ा जाने के लिए अलग-अलग पार्ट नहीं किए गए हैं। ऐसे में लोग गीला व सूखा कूड़ा एक साथ ही डाल रहे हैं। वहीं नपा के अधिकारी कह रहे हैं कि लोग पार्टीशन के बाद भी गीला सूखा कूड़ा अलग नहीं करते। इसके लिए भी शहर में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
मुख्यालय भेजा गया प्रस्ताव
एमआरएफ सेंटर बनने के बाद वेस्ट मैनेजमेंट में आसानी होगी। एमआरएफ सेंटर के लिए मुख्यालय प्रस्ताव भेजा गया है, वहां से अगले सप्ताह तक मंजूरी आ जाएगी। वहीं कुछ समय बाद कूड़े से खाद भी बनना शुरू हो जाएगा। नपा की ओर से शहर में भी गीला व सूखा कूड़ा अलग-अलग डालने के लिए लोगों को जागरूक करने का अभियान चलाया जाएगा।
नरेंद्र सैनी, नपा सचिव, झज्जर।