बहादुरगढ़। कई महिला पहलवानों और भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के बीच छिड़े विवाद में महिला पहलवानों के अगुआ बने अंतरराष्ट्रीय पहलवान बजरंग पूनिया ने बृजभूषण पक्ष पर फिर गंभीर आरोप लगाते हुए मामले में केंद्र सरकार की कार्यवाही पर सवाल उठाए हैं। उधर कुश्ती संघ की ओर से आरोपों को निराधार बताया गया है।
बजरंग पूनिया ने वीरवार को सवाल उठाया कि मामले की जांच के लिए पिछले दिनों बनाई गई कमेटी की रिपोर्ट न्यायपूर्ण है तो उस रिपोर्ट को सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। दिल्ली पुलिस दबाव के चलते एफआईआर दर्ज नहीं कर रही। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता महिला पहलवानों के नाम भी लीक कर दिए गए हैं। हरियाणा राज्य कुश्ती संघ के महासचिव राकेश कोच शिकायतकर्ता लड़की को फोन करके या किसी अन्य माध्यम से केस वापस लेने के लिए दबाव बना रहे हैं। पैसे का लालच भी दिया जा रहा है। बजरंग ने कहा कि बृजभूषण इतने ही पाक साफ हैं तो राकेश कोच अपने नेता बृजभूषण को बचाने के लिए शिकायतकर्ता पहलवान से क्यों संपर्क साध रहे हैं। राकेश कोच खिलाड़ियों के साथ हैं तो उनको खुलकर साथ आना चाहिए। पीछे से नहीं। बजरंग ने कहा कि मेरे पास वे सारे सबूत उपलब्ध हैं जिनसे ये साबित होता है कि बृजभूषण शरण सिंह को बचाने के लिए शिकायतकर्ता पर दबाव बनाया जा रहा है। महिला पहलवानों के यौन शोषण के आरोपों के बारे में बजरंग ने कहा कि पीड़ित महिला पहलवान अपनी शिकायत पर कायम है। फेडरेशन पर कब्जा करने की कोशिश के आरोपों पर बजरंग ने कहा कि मेरा या इस मुहिम में लगे मेरे किसी साथी का ऐसा कोई इरादा नहीं है। हम तो केवल ओलंपिक 2024 में जीत के लिए तैयारी में लगे हैं।
राकेश कोच ने पहलवान बजरंग के आरोपों को गलत ठहराया है। उन्होंने कहा कि वह शिकायत कर्ता महिला पहलवान को जानते तक नहीं इसलिए संपर्क करने, लालच देने या दबाव बनाने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता। जांच समिति की सदस्य रही बबीता फोगाट के इस आरोप को उन्होंने गलत बताया कि जांच रिपोर्ट पर उनके हस्ताक्षर जबरन करवाए गए। उन्होंने कहा कि यदि हस्ताक्षर जबरन करवाए गए थे उस वक्त वह क्यों नहीं बोली। महिला पहलवानों को खाप पंचायतों के समर्थन की बात पर उन्होंने कहा कि पालम-360 के कथित प्रधान सुरेंद्र सोलंकी के साथ सामाजिक लोग हैं ही नहीं। कोच ने कहा कि सिंह व फेडरेशन पर लगे आरोपों की सीबीआई जांच होनी चाहिए, ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। कोच ने फिर आरोप लगाया कि यह मुहिम पहलवानों को मोहरा बनाकर हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके पुत्र दीपेद्र सिंह हुड्डा चला रहे हैं। कोच ने कहा कि 11 साल बाद ही ये आरोप कैसे पैदा हो गए।