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Jhajjar-Bahadurgarh News: भ्रूण लिंग जांच और गर्भपात करने वाले डॉक्टर मां व बेटा गिरफ्तार

Sun, 27 Jul 2025 01:55 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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26jjrp16- झज्जर। लिंग जांच मामले में रेड करने के बाद जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। स्रोत- स
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झज्जर। पीएनडीटी टीम झज्जर ने अवैध रूप से भ्रूण लिंग जांच एवं गर्भपात करने वाले गिरोह की मास्टरमाइंड डॉ. हेमलता और उसके बेटे को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इस मामले में डॉ. हेमलता और उसके बेटे विक्रम को गिरफ्तार कर लिया है।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गिरोह का भंडाफोड़ करने के लिए चार माह की गर्भवती को एक मिथ्या ग्राहक के तौर पर तैयार किया। 17 जुलाई को महिला ने पीएनडीटी टीम के कहने पर डॉ. हेमलता को फोन कर कहा कि उसको तीन लड़कियां हैं और उसको अब लड़का चाहिए। आपसे अल्ट्रासाउंड जांच करवानी है।
कुछ देर बातचीत के बाद डॉ. हेमलता ने महिला के साथ 55 हजार रुपये में भ्रूण लिंग जांच का सौदा तय किया। उसको पैसे लेकर अपने घर शिव कॉलोनी नजदीक बेरी गेट झज्जर बुलाया गया। यहां पीएनडीटी टीम ने महिला को 55 हजार रुपये देकर डॉ. हेमलता के घर भेजा। पैसे लेने के बाद डॉ. हेमलता ने कहा कि तुम्हारा अल्ट्रासाउंड कल रात 8 बजे होगा।
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18 जुलाई को डॉ. हेमलता ने फोन करके कहा कि अल्ट्रासाउंड आज नहीं, कल होगा। 19 और 20 जुलाई को भी जांच के लिए मना किया और 22 जुलाई को बुलाया। 22 जुलाई को फिर से मना किया और 24 जुलाई को बुलाया। 24 जुलाई को बताया कि 25 जुलाई को रात साढ़े सात बजे आ जाना और अल्ट्रासाउंड हो जाएगा।
इस तरह एक सप्ताह चक्कर कटवाने के बाद 25 जुलाई को डॉ. हेमलता ने महिला का अपने निजी क्लीनिक पर आशीष सैनी उर्फ सुरेश नामक व्यक्ति से अवैध भ्रूण लिंग जांच करवाया। आशीष नांगलोई से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन झज्जर लेकर आता है। अशीष सैनी और डॉ. हेमलता ने बताया कि उसके पेट में लड़की है। तुम कल आना सफाई कर देंगे।
उससे गर्भपात करने के 25 हजार रुपये मांगे। डॉ. हेमलता ने स्कूटी पर अपने बेटे विक्रम को बुलाया और उसकी मदद से महिला को अपने घर ले आई। इस पर महिला ने घर के पास खड़े पीएनडीटी टीम को इशारा किया। इस पर टीम मेंबर्स डॉ. हेमलता के घर पहुंचे। छानबीन के दौरान टीम को डॉ. हेमलता के घर से गर्भपात की दवाइयां और औजार मिले।
टीम डॉ. हेमलता और महिला को वापस संगम क्लीनिक ले आई, लेकिन तब तक अवैध अल्ट्रासाउंड करने वाला व्यक्ति मशीन के साथ फरार हो चुका था। इसके बाद पीएनडीटी टीम ने डॉ. हेमलता, विक्रम एवं आशीष सैनी उर्फ सुरेश के खिलाफ पीसी पीएनडीटी, एमटीपी एवं भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज करवाया।
दो टीम हुई थी गठित
सिविल सर्जन झज्जर को मिली गुप्त सूचना के आधार पर जिला समुचित प्राधिकरण झज्जर ने एक टीम का गठन किया। इसमें पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. संदीप कुमार, डॉ. आकृति हुड्डा, डॉ. हर्षदीप और विनोद कुमार को रखा गया। वहीं पुलिस उपायुक्त झज्जर जसलीन कौर ने पीएनडीटी सदस्यों के सहयोग के लिए एसआई सतबीर, हेड कांस्टेबल रीना, हेड कांस्टेबल धर्मेंद्र एवं कांस्टेबल मीना को टीम में जोड़ा था। डॉ. हेमलता ने टीम के समक्ष स्वयं को बीएएमएस डॉक्टर बताया, लेकिन व कागजात पेश नहीं कर पाई। वहीं उसका बेटा भी अपनी मां के साथ इस कार्य में हाथ बंटाता है।
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