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मोदी जी, यहां दम तोड़ रहा स्वच्छता अभियान

Sun, 05 Oct 2014 11:38 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, झज्जर बहादुरगढ़
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देश के प्रधानमंत्री जहां खुद झाड़ू उठाकर सड़क पर सफाई करके लोगों को स्वच्छता का संदेश दे रहे हैं, वहीं शहर के लोग घर की गंदगी को कूड़ेदान में डालना भी उचित नहीं समझते हैं।
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डस्टबीन रखा होने के बावजूद अधिकांश लोग गंदगी को इसमें डालने की बजाय बाहर फेंक देते हैं। गंदगी में लावारिस पशु मुंह मारते रहते हैं, जिससे कचरा पूरी सड़क पर फैल जाता है।

शहर में स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन लोगों की भागीदारी के अभाव में इसके सकारात्मक परिणाम नहीं दिख रहे। शहर का जायजा लेने पर सफाई को लेकर कुछ इस तरह की तस्वीर देखने को मिली।
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दृश्य नंबर 1
स्थान : बीकानेर चौक
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के पास दो-दो डस्टबीन रखे होने के बावजूद कूड़ा बाहर ही पड़ा मिला। विडंबना है कि पास में स्कूल होने के बावजूद भी लोग यहां पर सड़क के ऊपर ही कूड़ा डाल रहे हैं।

हिमांशु बताते हैं कि आसपास के घरों और मोहल्ले के लोग यहीं आकर कूड़ा डाल देते हैं। पालिका कर्मचारियों को कहकर कूड़ा तो उठवा देते हैं, लेकिन इसके कुछ समय बाद ही दोबारा कूड़े का ढेर लगना शुरू हो जाता है।

दृश्य नंबर 2
स्थान : अंबेडकर चौक
अंबेडकर चौक की गिनती शहर के सबसे व्यस्त चौक में होती है। शहर के मध्य में स्थित यह चौक सिटी को सभी प्रमुख मार्गों से जोड़ता है।

यह चौक भी गंदगी के मामले में अछूता नहीं है। स्थानीय दुकानदारों की लापरवाही के कारण यहां पर भी कूड़े के ढेर लगे हैं।

दुकानदार बंसी लाल कहते हैं कि यहां तीन से चार बार कूड़े का उठान हो तो गंदगी के ढेर से निजात मिले। पालिका कर्मचारी सुबह कूड़ा उठा कर ले जाते हैं, लेकिन इसके बाद जमा गंदगी का उठान नहीं होता।

दृश्य नंबर 3
स्थान : बेरी गेट मोहल्ले का मुख्य चौराहा
बेरी गेट मोहल्ले का मुख्य चौराहा भी गंदगी से अटा पड़ा है। गंदगी का आलम यह है कि यहां से मोहल्ले के अंदर घुसना ही मुश्किल है।

दुर्गंध इतनी कि बिना नाक पर कपड़ा लगाए यहां से गुजरना मुमकिन नहीं है। यहां के निवासी मान सिंह कहते हैं कि स्थानीय मोहल्ले के कुछ लोग ही सड़क पर कूड़ा डाल देते हैं, जिससे सभी को परेशानी होती है। पालिका कर्मचारी कूड़ा उठा ले जाते हैं, लेकिन कूड़ा फेंकने का क्रम तो दिन भर चलता ही रहता है।

दृश्य नंबर 4
स्थान : सीता राम गेट
राव मंगली राम पार्क के निकट भी कूड़े के ढेर लगे नजर आते हैं। सीता राम गेट क्षेत्र में दो पार्क और एक मंदिर पास में ही है।

इसके बावजूद लोगों ने सड़क को ही डस्टबीन बनाया हुआ है। डस्टबीन खाली रहते हैं, जबकि सड़क के ऊपर कचरे का ढेर लगा रहता है।

लोगों में इतनी समझ नहीं कि कचरे को सड़क पर न फेंककर डस्टबीन के भीतर डाल दें। जयभगवान कहते हैं कि लोगों के लिए केवल घरों की स्वच्छता ही मायने रखती है। शहर भी स्वच्छ रहे और इसमें हम भी योगदान करें, ऐसी सोच बहुत कम लोगों की है।

जागरुकता अभियान का भी नहीं दिख रहा असर
नगर पालिका द्वारा सफाई को लेकर वार्ड वाइज जागरुकता अभियान भी चलाया हुआ है, लेकिन लोगों पर इसका कोई असर दिखाई नहीं दे रहा है।

यही कारण है कि अभी भी शहर के तमाम स्थानों पर कूड़े के ढेर नजर आते हैं। शहर में विभिन्न स्थानों पर पालिका द्वारा 15 डस्टबीन रखे गए है, लेकिन लोग इनका भी इस्तेमाल नहीं करते।

क्या कहते है पालिका सचिव
नगर पालिका सचिव राजेश वर्मा कहते हैं कि लोगों में सफाई को लेकर जागरुकता की कमी है। इसके चलते लोग स्वच्छता अभियान में सहयोग नहीं कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर कूड़ा डालने पर कानून के मुताबिक 500 से 1000 रुपये तक जुर्माना का भी प्रावधान है, लेकिन स्वच्छता अभियान तभी साकार होगा, जब लोग इसे अपना दायित्व समझकर सहयोग करेंगे।
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