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डाबोदा कलां गांव में माइनर टूटी, 20 एकड़ फसल डूबी

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माइनर टूटने से खेतों में जाता पानी। - फोटो : Bahadurgarh
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बहादुरगढ़। झज्जर रोड पर स्थित डाबोदा कलां गांव में वीरवार की सुबह माइनर टूटने से लगभग 20 एकड़ में पानी भर गया। किसानों की फसल पूरी तरह चौपट हो गई। सूचना नहरी विभाग के अधिकारियों को दी गई। विभागीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और माइनर को ठीक करने का काम शुरू कराया गया। फिलहाल माइनर को दुरुस्त कर दिया गया है, लेकिन किसानों को इससे काफी नुकसान हुआ है।
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जानकारी के अनुसार गांव डाबोदा से गुजर रही माइनर वीरवार की सुबह दो जगह से टूट गई। एक जगह टूटने से जहां पंचायती जमीन पर पानी भर गया। वहीं दूसरी जगह टूटने से कई एकड़ क्षेत्र के खेतों में पानी भर गया। जैसे ही ग्रामीणों को यह सूचना मिली तो तुरंत अपने खेतों की तरफ दौड़े, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। काफी पानी खेतों में भर चुका था। इसके बाद नहरी विभाग को सूचना दी गई। विभाग के कर्मचारियों व ग्रामीणों ने पानी रोकने के लिए माइनर की मरम्मत शुरू की। कुछ घंटों बाद जेसीबी के माध्यम से माइनर की मरम्मत कर दी गई।
जलभराव के कारण गांव के निवासी जोगेंद्र, मोनू, राजेंद्र, मदन, तेजपाल, जयभगवान, धर्मपाल, सुरेश व कर्ण आदि की गेहूं की फसल खराब हो गई। लगभग 20 एकड़ फसल के नष्ट होने का अनुमान है। जेसीबी और प्लास्टिक के कट्टों में मिट्टी भरकर कटाव रोकने काम काम किया गया। ग्रामीणों ने कहा कि खेती वैसे ही घाटे का सौदा हो गई है। रही सही कसर इस तरह की घटनाएं पूरी कर देती है। मंगलवार की रात को जहां आंधी-बरसात से फसल बिछ गई थी। अब जलभराव के कारण और नुकसान हो गया। उन्होंने सरकार से मांग की है कि उनकी खराब हुई फसलों का उचित मुआवजा दिया जाए, ताकि वे अपना घर आसानी से चला सके। खेतों में पानी भरने से उन्हें काफी नुकसान हुआ है। किसानों ने बताया कि हर सीजन में यह माइनर टूट जाती है और उनकी फसलें पानी में डूब जाती हैं। पिछले वर्ष भी यह माइनर टूट गई थी। किसानों की मांग है कि नहर की पटड़ी को मजबूत किया जाए।
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