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कृषि मंत्री धनखड़ ने दी कुसुम को जीत की बधाई

Thu, 13 Oct 2016 12:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बहादुरगढ़
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खिलाड़ी कुसुम - फोटो : bureau
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किक बॉक्सिंग के वर्ल्ड कप में रजत पदक जीतने वाली गांव गोयला कलां की बेटी कुसुम का कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने सम्मान किया। धनखड़ ने कुसुम को जीत की बधाई दी और भविष्य में भी इसी तरह का प्रदर्शन करने को प्रेरित किया।
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21 से 26 सितंबर तक रूस में किक बॉक्सिंग के वर्ल्ड कप का आयोजन हुआ था।
इस वर्ल्ड कप में भाग ले रही हरियाणा की एकमात्र खिलाड़ी कुसुम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता था। इस उपलब्धि पर क्षेत्र के खेल प्रेमियों में काफी खुशी है। बुधवार को कृषि मंत्री धनखड़ ने कुसुम और उसके कोच को चंडीगढ़ स्थित अपने निवास पर आमंत्रित किया। वहां धनखड़ ने कुसुम को बधाई दी और भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

कोच जसवंत की मेहनत की भी सराहना की। धनखड़ ने कहा कि वह बेहद खुश हैं कि उनके  क्षेत्र की बेटी इतनी अच्छी खिलाड़ी है। केवल आर्थिक तंगी के कारण किसी खिलाड़ी की प्रतिभा दबनी नहीं चाहिए। वह अपनी ओर से कुसुम या कुसुम जैसी और प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की मदद करने का हर संभव प्रयास करेंगे।
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धनखड़ ने कुसुम को 2017 में कजाकिस्तान में होने वाले एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने का आशीर्वाद दिया। वहीं, कुसुम ने भी कृषि मंत्री धनखड़ का धन्यवाद किया। कुसुम ने कहा कि यदि धनखड़ उनकी मदद को आगे नहीं आते तो शायद वह वर्ल्ड कप में मेडल नहीं जीत पाती। उधर, कोच जसवंत ने कहा कि फिलहाल कुसुम फरीदाबाद में प्रो किक बॉक्सिंग लीग में भाग लेगी। यह लीग 14 से 16 अक्तूबर तक चलेगी।

सम्मान समारोह 24 को
वर्ल्ड कप में जीत दर्ज करने के बाद कुसुम के सम्मान में गांव गोयला कलां में गत 30 सितंबर को समारोह होना था, लेकिन किन्हीं कारणों से यह स्थगित हो गया। अब यह आयोजन 24 अक्तूबर को होगा। कोच जसवंत के मुताबिक, बुधवार को हुई बातचीत में कृषि मंत्री धनखड़ ने समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करने की हामी भर दी है।

गोयला कलां में होने वाले इस समारोह में मंत्री धनखड़ के अलावा आईएएस आनंद मोहन शरण, किक बॉक्सिंग इंडिया के सेेक्रेटरी संतोष कुमार, जिला परिषद चेयरमैन परमजीत सोलधा, कर्मबीर शर्मा, जस्सू पहलवान और रवि चौहान को भी अतिथि आमंत्रित किया गया है।

मंत्री ने की थी मदद
कुसुम बेहद ही प्रतिभाशाली खिलाड़ी है। अपने करीब तीन साल के कॅरिअर में वह नौ बड़ी जीत दर्ज कर चुकी है। कुसुम के पिता गांव में ही इलेक्ट्रीशियन हैं। चूंकि साधारण परिवार से हैं तो कुसुम के रूस वर्ल्ड कप दौरे पर संकट के बादल मंडरा गए थे। जब कुसुम का सपना टूटता दिखाई दे रहा था तो कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ उसकी मदद को आगे आए थे। धनखड़ ने रूस वर्ल्ड कप के दौरान कुसुम के रहने-ठहरने के खर्चे की व्यवस्था की थी। कुछ अन्य सामाजिक कार्यकर्ता भी कुुसुम की मदद को आगे आए थे।
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