झज्जर। 26 हजार फीट की चढ़ाई करने के बाद जब मन विचलित होने लगा तो अस्मिता दोरजी शर्मा ने ऑक्सीजन लगाई और माउंट एवरेस्ट की चोटी को मंगलवार को सुबह 8 बजकर 20 मिनट पर तिरंगा फहराया। वह 29 या 30 मई को झज्जर पहुंचेंगी। जहां उनके जोरदार स्वागत की तैयारी की जा रही है।
झज्जर की अस्मिता दोरजी शर्मा झज्जर के डाॅ महावीर व डॉ कुमुद शर्मा की पुत्रवधु हैं। एवरेस्ट फतेह के बाद बुधवार को अस्मिता ने वापस धरती पर कदम रखा है। अस्मिता का कहना है कि वे बिना ऑक्सीजन के करीब 20 हजार फीट माउंट एवरेस्ट के शिखर पर तो चढ़ गई थी लेकिन जब चोटी 800 मीटर की दूरी पर रह गई तो उसका ऑक्सीजन की कमी के चलते मन विचलित होने लगा, तो किसी उन्होंने किसी अनहोनी की आंशका के मद्देनजर ऑक्सीजन का सहारा लिया। अस्मिता ने बताया कि पिछले साल 8848 मीटर उंची माउन्ट एवरेस्ट की चढ़ाई 8748.86 मीटर तक पूरी की लेकिन जब माउंट एवरेस्ट की चोटी 100 मीटर दूर रह गई तो दिखाई देना बंद हो गया और मजबूरी में उसे वापस लौटना पड़ा था।
- 2021 में की थी शादी
पर्वतारोही अस्मिता, जमशेदपुर के टाटा स्टील एडवेंचर फाउंडेशन में इंस्ट्रकटर है। टीएसएएफ में काम के दौरान ही उन्हे झज्जर के वरुण शर्मा से शादी साल 2021 में दोनों ने शादी कर ली। पर्वातारोही अस्मिता की ननद डॉ तरुणा शर्मा महिला रोग विशेषज्ञ की सेवाएं भी दे रही हैं। अस्मिता के ससुर डॉ महाबीर प्रसाद शर्मा हड्डी रोड विशेषज्ञ तो उनकी सास डॉ कुमुद शर्मा स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं।
बछेंद्री पाल वो पहली भारतीय महिला हैं जिन्होनें दुनिया के सबसे उंचे पर्वत शिखर माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई की। अब उनकी शिष्या और झज्जर जिले की बहू ने एक नया मुकाम हासिल किया है। अस्मिता के पति वरुण शर्मा ने बताया कि बुधवार को अस्मिता अपनी टीम के साथ नीचे कैंप में पहुंच गई हैं। उन्होंने बताया कि इस महीने के अंत तक वे झज्जर अपने घर पर पहुंचेगी।