जिले में शुक्रवार को जमकर बरसात हुई। बरसात से जहां शहर पूरा पानी-पानी हो गया, वहीं बेरी और बहूझोलरी में भी लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
आलम यह था कि जिधर देखो, वहां जलभराव दिखाई दिया। केवल निचले इलाकों में ही नहीं, बल्कि शहर की मुख्य सड़कों और चौराहों पर भी भारी मात्रा में जलभराव हुआ।
बस स्टैंड परिसर, अंबेडकर चौक, सामान्य अस्पताल परिसर, बीकानेर चौक ने तो तालाब का रूप धारण कर लिया। बारिश रुकने के घंटो बाद सड़कों से पानी नहीं उतरा। इसके चलते आमजन, राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
शहर में पिछले कई माह से खुदाई का काम चल रहा है। कहीं नालों के निर्माण के लिए खुदाई की गई है तो कही सीवर पाइप लाइन बिछाने के लिए खुदाई की गई है। खुदाई का ही असर रहा है कि बारिश का पानी जगह-जगह भरा दिखाई दिया।
शुक्रवार को दोपहर साढ़े बारह बजे शुरू हुई मुसलाधार बरसात बिना रुके दोपहर करीब डेढ़ बजे तक जारी रही। तेज बारिश के कारण बस अड्डा, अंबेडकर चौक, बीकानेर चौक व माता गेट पर भारी जलभराव हुआ। यहां लोगों को गंदे पानी में से होकर गुजरना पड़ा। माता गेट में हालत यह रही कि करीब चार फुट तक पानी भर गया।
इसके चलते पैदल चलने वालों को तो परेशानी उठानी ही पड़ी, वहीं वाहन पानी में बंद पड़ने के कारण वाहन चालकों को भी परेशानी आई। धर्मेंद्र उर्फ लाला, करण चावला, सुरेश घई, नरेश सोनी ने बताया कि पानी निकासी की कोई उचित व्यवस्था न होने के कारण यहां थोड़ी ही बरसात में पानी खड़ा हो जाता है।
प्रशासन से बार-बार अनुरोध के बाद भी पानी निकासी के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई गई है। वहीं बस अड्डे पर पानी भर जाने से यात्रियों को काफी परेशानियाें का सामना करना पड़ता है।
किसानों के चेहरों पर छायी खुशी
बरसात के चलते किसानों के चेहरों पर खुशी दिखाई दी। किसानों का कहना है कि बारिश खेतों में सोना बनकर बरस रही है। किसान ओम, आजाद सिंह, सतीश का कहना है कि बारिश होने से एक पानी की बचत हुई है और बरसात का पानी फसलों के लिए खाद का काम करेगा।
उन्होंने कहा कि बरसात से ज्वार, गन्ना, धान सहित सभी फसलों के लिए लाभकारी है। उधर, तेज बरसात के बाद लोगों को गर्मी और उमस से भी पूरी तरह निजात मिल गई है।