जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त संजय जून ने कहा कि विधानसभा चुनाव में एक उम्मीदवार के खर्च की अधिकतम सीमा 28 लाख रुपये है। भारत निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित इस बजट के दायरे में रहकर ही उम्मीदवार को चुनाव लड़ना होगा। उन्होंने यह बात वीरवार को लघु सचिवालय स्थित कांफ्रेंस हॉल में निर्वाचन प्रक्रिया को लेकर गठित सहायक व्यय पर्यवेक्षक टीम, व्यय निगरानी सेल, लेखा टीम आदि से संबंधित अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए कही। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा विधानसभा चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। ऐसे में चुनाव प्रक्रिया के संचालन के लिए गठित टीम के सभी सदस्यों को भारत निर्वाचन आयोग की नियमावली से पूरी तरह अपडेट रहना होगा। उन्होंने कहा कि नामांकन के साथ ही उम्मीदवारों के लेन-देन के ब्योरे पर निगरानी के लिए शेडो रजिस्टर व वीडियो रिकॉर्डिंग आदि कार्य आरंभ हो जाएंगे। उन्होंने बताया कि चुनाव में लेन-देन के लिए सभी उम्मीदवारों को नामांकन से एक दिन पहले तक अलग से बैंक या डाकघर में नया खाता खुलवाना होगा। इसी खाते के माध्यम से चुनाव संबंधी कार्यों को लेकर लेन-देन किया जाएगा। यह खाता स्वयं उम्मीदवार के नाम या चुनाव एजेंट के साथ संयुक्त भी हो सकता है। उन्होंने कहा कि उम्मीदवार को चुनाव में दस हजार से अधिक का कोई भी भुगतान चेक के माध्यम से करना होगा। चुनाव प्रचार के दौरान उम्मीदवार की गाड़ी में 50 हजार से अधिक नकदी व 10 हजार से अधिक के गिफ्ट आईटम नहीं होने चाहिए। उपायुक्त ने निर्वाचन प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न उपयोगी जानकारी संबंधित टीम को दी। इस अवसर पर डीईटीसी (सेल्स) केएस मलिक व उप तहसीलदार (निर्वाचन) रामकुमार सहित विभिन्न टीमों से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।