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Jhajjar-Bahadurgarh News: मातन लिंक ड्रेन ओवरफ्लो, छुड़ानी गांव मे करीब 500 एकड़ फसल जलमग्न

Tue, 02 Sep 2025 02:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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-फोटो 51 : छुड़ानी के खेतों में भरा पानी। संवाद
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बहादुरगढ़। उपमंडल के छुड़ानी गांव में करीबन 500 एकड़ धान की फसल पानी में डूब गई है। अगर डी-वाॅटरिंग शुरू नहीं हुई तो गांव के अंदर पानी घुसने का खतरा भी मंडराने लगा है। दरअसल, पंप हाउस से मातन लिंक ड्रेन का पानी पिछले कई दिनों से बेहद कम पंप किया जा रहा था जो सोमवार को ढाई घंटे तक पूरी तरह बंद कर दिया गया है। इसके कारण मातन लिंक ड्रेन ओवरफ्लो होकर खेतों में बहने लगी। मातन लिंक ड्रेन में करीबन 135 से 150 क्यूसिक से ज्यादा पानी आ रहा है जो छुड़ानी गांव में लिंक ड्रेन के किनारे तोड़कर खुला बहने लगा है। इससे गांव में भी पानी जाने का खतरा मंडरा रहा है।
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छुड़ानी गांव के किसान अजीत सिंह, लाला, जगदीश, बेल सिंह और काला ने बताया कि मातन लिंक ड्रेन के पानी को पंपिंग के जरिए केसीबी ड्रेन में डालने के लिए करीब 130 क्यूसिक क्षमता का पंपिंग स्टेशन बना रखा है। बिजली का कनेक्शन भी है और जनरेटर भी लगा रखा है, लेकिन पूरी व्यवस्था को ठप कर दिया गया है।
केसीबी को बचाने के लिए छुड़ानी गांव के किसानों को डुबोया जा रहा है। किसानों ने बताया कि सिंचाई विभाग की सिविल विंग के अधिकारियों ने अपनी नाकामी छुपाने के लिए छुड़ानी गांव को डूबोने का प्लान बनाया है। इसलिए उन्होंने मातन लिंक ड्रेन से पानी की पंपिग, डी-वाॅटरिंग को बंद करवाया है।
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बादली डिविजन के एसडीओ वेदपाल का कहना है कि उन्होंने तो केसीबी के खतरे के निशान पर आने के चलते एहतियात मैसेज दिया है लेकिन मातन लिंक ड्रेन से पंपिंग की पूरी जिम्मेदारी मेकेनिकल डिविजन की है।



केसीबी में मछली पालकों ने डाले जाल, बहाव हुआ प्रभावित

दुल्हेड़ा में केसीबी ड्रेन के अंदर मछली पालकों ने अवैध तरीके से मछली के जाल भी लगा रखे हैं। झज्जर बहादुरगढ़ रोड़ पर जहां केसीबी ड्रेन क्रॉस करती है उससे कुछ कदम दूरी पर ही मछली के जाल और जाल लगाने वालों का टैंट केसीबी के तटबंध पर लगे हुए हैं। मछली के जाल के कारण भी केसीबी ड्रेन में पानी का बहाव प्रभावित होता है। किसानों ने सरकार और प्रशासन से मातन लिंक ड्रेन की पंपिंग को फुल कैपेसिटी पर शुरू करने की मांग की है। छुड़ानी, बुपनिया, जरगतपुर और लुक्सर के पास केसीबी के तटबंध हर साल ही कमजोर रहते हैं कभी भी इन तटबंधों को मजबूत करने का काम नहीं किया गया।



ढाई घंटे तक बंद रहा छुड़ानी पंप हाउस

केसीबी ड्रेन के बहाने एसडीओ बादली ने सभी तरह के डी-वाॅटरिंग ऑपरेशन बंद करने को कहा था। इके बाद मेकेनिकल विंग ने छुड़ानी पंप हाउस से मातन लिंक ड्रेन की डिवाटरिंग पूरी तरह बंद कर दी। हालांकि मातन लिंक ड्रेन से काफी कम मात्रा में पंपिंग की जा रही थी, बावजूद इसके पूरी तरह मातन लिंक ड्रेन की डिवाटरिंग और पंपिंग बंद करवा दी गई। जो करीब ढाई घंटे तक बंद रही। जिसके कारण मातन लिंक ड्रेन कई जगह से ओवरफ्लो हो गई और खेत पूरी तरह पानी से लबालब हो गए। जिस मातन लिंक ड्रेन में 135 से 150 क्यूसिक पानी आ रहा है उसकी डी-वाटरिंग एक मोटर से संभव नहीं है।



केसीबी ड्रेन से जुड़े अधिकारियों के निर्देश पर मातन लिंक ड्रेन से डीवाॅटरिंग को बंद करने के आदेश दिए थे। केसीबी ड्रेन को बचाना जरूरी है इसलिए अगर एक छोटे पॉकेट में किसान प्रभावित होतें हैं तो ऐसा करना पड़ता है।

-सतीश कुमार, एक्सईएन, सिंचाई विभाग मेकेनिकल डिविजन, बहादुरगढ़।



विभाग की ओर से डी-वॉटरिंग को पूरी तरह बंद करने के संबंध में कोई निर्देश नही दिए गए हैं। एक्सईएन बहादुरगढ़ और सांपला इस मामले को देख रहे हैं। ड्रेन को बचाने के लिए कुछ व्यवस्थाएं करना जरूरी है लेकिन डी-वाटरिंग को पूरी तरह बंद नही किया जा सकता। मातन लिंक ड्रेन से डी-वाटरिंग पंपिंग को सीमित मात्रा में शुरू करवा दिया गया है।
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-बलराज सिंह, एसई, सिंचाई विभाग

-फोटो 51 : छुड़ानी के खेतों में भरा पानी। संवाद

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