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गधों के मेले में 25 लाख लगी घोड़ी की बोली: मालिक ने बेचने से किया मना, लेली का खासियत जान हो जाएंगे हैरान

Fri, 11 Oct 2024 02:15 PM IST
नवीन दलाल विपिन कुमार बांगा, बेरी (झज्जर)

सार

झज्जर पशु मेले में आने वाले घोड़े व घोड़ियों की कीमत कई बड़ी-बड़ी लग्जरी गाड़ियों की कीमत को भी मात दे रही है। मेले में घोड़ों को लेकर पहुंचने का अंदाज भी कुछ अलग ही दिखा।
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बेरी मेले में घोड़ी लेली मलिक बबलू पहलवान। - फोटो : संवाद
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विस्तार
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गधे के मेले के नाम से मशहूर एशिया के प्रसिद्ध पशु मेले में आई लेली नाम की घोड़ी की 25 लाख रुपये बोली लगी है। हालांकि, पशु मालिक ने 41 लाख रुपये कीमत बताकर घोड़ी बेचने से इन्कार कर दिया। लेली के साथ गोल्डन किंग नाम का घोड़ा भी मेले में आया है। दोनों को देखने के लिए पशु कद्रदानों की भीड़ कम नहीं हो रही है।

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झज्जर जिले के बेरी में हर साल माता भीमेश्वरी देवी का मेला लगता है। यहीं पर गधों व घोड़ों का मेला भी लगता है। राजस्थान के पुष्कर के बाद यह एशिया का सबसे बड़ा पशु मेला कहा जाता है। मेले में यूपी, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा से व्यापारी पशु लेकर पहुंचते हैं। इस बार मेले में पहुंचा आकर्षक कद काठी का घोड़ा गोल्डन किंग और घोड़ी लेली दोनों ही अपने आप में बेमिसाल हैं। गोल्डन किंग और लेली एक ही जगह पर बांधे गए हैं। इनकी सुंदरता हर किसी को आकर्षित कर रही है। झाड़ौदा निवासी घोड़ा मालिक बबलू पहलवान ने बताया गोल्डन किंग मेले में सबसे ऊंचा व सुंदर घोड़ा है। मेले में वह इसे केवल नुमाइश के लिए लेकर आया है।

घोड़ी लेली की खासियत

नुकरी नस्ल की 65 इंच ऊंची घोड़ी लेली की उम्र 2 वर्ष है। इस बार मेले में आई लेली सबसे ऊंची और आकर्षक घोड़ी है। पशु कद्रदानों ने लेली की कीमत 25 लाख रुपये लगाई है। लेकिन, मालिक ने 41 लाख रुपये की मांग रखी है। घोड़ी मालिक बबलू पहलवान के मुताबिक, लेली रोज 6 किलो चना, 10 लीटर दूध, देसी घी, चोकर आदि खाती है। उसका हर महीने का खर्च करीब 35 से 40 हजार रुपये आता है। लेली ने पिछले माह पंजाब में हुई चैंपियनशिप में सुंदरता में पहला स्थान प्राप्त किया था।

घोड़ा गोल्डन किंग की खासियत

70 इंच ऊंचे नुकरा मारवाड़ी नस्ल के गोल्डन किंग घोड़े की उम्र 5 वर्ष है। पूरे मेले में उसकी सुंदरता और ऊंचाई सबसे अच्छी है। घोड़ा मालिक बबलू पहलवान ने बताया गोल्डन किंग हर रोज 10 किलो चना, 10 लीटर दूध, कभी-कभी देसी घी, चोकर खाता है। इसका महीने का खर्च करीब 40 से 50 हजार रुपये आता है।
 

घोड़े-घोड़ियों की कीमत लग्जरी गाड़ियों को दे रही मात

पशु मेले में आने वाले घोड़े व घोड़ियों की कीमत कई बड़ी-बड़ी लग्जरी गाड़ियों की कीमत को भी मात दे रही है। मेले में घोड़ों को लेकर पहुंचने का अंदाज भी कुछ अलग ही दिखा। कोई घोड़ों को डीजे की धुन पर डांस कराते मेले में पहुंच रहा है तो कोई करतब दिखा रहा है।
 

पंजाब, यूपी और राजस्थान से पशु लेकर पहुंचे व्यापारी

अन्य सालों की तरह इस बार भी हजारों की संख्या में पशु व्यापारी मेले में अपने पशु लेकर पहुंचे हैं। मेले के पहले दिन पंजाब, यूपी, राजस्थान आदि के व्यापारी अपने घोड़ों व खच्चरों को मेले में लेकर आए।
 
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पीढ़ी दर पीढ़ी चलता आ रहा घोड़े रखने का शौक

घोड़ा मालिक जहांगीरपुर निवासी प्रमोद ने बताया कि उसके परिवार को पीढ़ी दर पीढ़ी घोड़े रखने का शौक है। बेरी मेले में वह हमेशा अपने घोड़े की नुमाइश करवाने पहुंचते हैं। इस बार मेले में वह अपने घोड़े बादशाह किंग को लेकर आए हैं।a
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