बहादुरगढ़। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व स्वतंत्र फेडरेशन के आह्वान पर बहादुरगढ़ में कई यूनियन के कर्मचारियों ने भाग लिया। अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शहर की सड़कों पर रोष प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन देवीलाल पार्क से शुरू हुआ और रोहतक रोड पर लाल चौक पर समाप्त हुआ।
राष्ट्रीय कोऑर्डिनेशन कमेटी के सदस्य जयकरण मांडौठी ने कहा कि केंद्रीय ट्रेड यूनियनों व स्वतंत्र फेडरेशन के साझा आह्वान पर श्रमिक विरोधी चार लेबर कोड रद्द करने, न्यूनतम वेतन 28 हजार रुपये मासिक घोषित करने, ठेका, कैजुअल, आउटसोर्स, सक्षम तथा कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, आंगनवाड़ी, आशा, मिड डे मील सहित स्कीम वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने, तब तक उन्हें श्रमिक मानकर न्यूनतम वेतन सहित सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने, मनरेगा मजदूरों को वर्ष में 200 दिन काम और 800 दैनिक दिहाड़ी देने, सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों पर स्थाई भर्ती करने, यूपीएस व एनपीएस रद्द करने, पुरानी पेंशन स्कीम बहाल करने, निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण व हित लाभ देना सरल करने, सार्वजनिक क्षेत्र को मजबूत करने, निजी हाथों में दी गई सरकारी संस्थाओं को वापस लेने और उनमें निवेश बढ़ाकर उन्हें मजबूत करने, श्रम कानून को सख्ती से लागू करने की मांगों को लेकर राष्ट्रव्यापी हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर जिला के सभी किसान संगठनों ने समर्थन दिया। किसान खेत मजदूरों की समस्याओं को लेकर उनके साथ स्थानीय अनाज मंडी से लघु सचिवालय तक विरोध प्रदर्शन किया।
ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के प्रदेश सचिव जयकरण मांडौठी, फूल कुमार मातनहेल, किसान सभा के जिला अध्यक्ष दिलबाग सिंह दलाल, सुरेंद्र सिंह सिवाच, रमेश जाखड़, भारतीय किसान यूनियन (नयन) के कैप्टन सतबीर सिंह, सुनील कुमार, चरण सिंह, किसान मजदूर उत्थान मोर्चा के सुमित छिकारा, अखिल भारतीय किसान कामगार अधिकार मोर्चा के कर्मबीर दहिया के अलावा किसान नेता जगबीर सिंह झज्जर, सुरजीत सिंह दलाल, ओमबीर सिंह, राम सिंह, रण सिंह ने भाग लिया।
फोटो 77 : रोष प्रदर्शन कर नारेबाजी करते संगठनों के सदस्य। संवाद