बहादुरगढ़। हर वर्ष की तरह इस बार भी आसौदा गांव में रविवार को दादा बूढ़ा मंदिर में भादो दूज के मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने मंदिर परिसर में बने तालाब से मिट्टी निकालकर मन्नत मांगी। शाम के समय दंगल का आयोजन भी हुआ। इसमें आसपास के गांवों के अलावा कई जिलों के खिलाड़ियों ने भाग लिया।
रविवार की अलसुबह ही दादा बूढ़ा मंदिर परिसर में दूज के अवसर पर ज्योति जला प्रसाद चढ़ाकर मन्नत मांगने के लिए लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। दोपहर बाद तक मंदिर में प्रसाद चढ़ाने वालों का तांता लगा रहा। हजारों लोगों विशेषकर पहले पुत्र को जन्म देने वाली पुत्रवती बेटियों ने बूढ़े के मंदिर में पूजा कर गांव में भेलियां बांटीं।
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हर वर्ष भादो माह की दूज को आयोजित होने वाले इस मेले में गांव से बाहर जाकर बसे परिवारों के अलावा दिल्ली व हरियाणा प्रदेश के दूसरे शहरों से लोगों ने यहां पहुंचकर दादा बूढ़ा के दर्शन किए और शीश झुकाकर सुख-शांति की कामना की। साथ ही लोगों ने दान भी दिया। मंदिर के आसपास खिलौनों की दुकानें भी लगी थीं। गांव से गुजरने वाले वाहनों की लंबी कतारों के कारण जाम लगा रहा।
मेले में पहुंचे श्रद्धालुओं ने जमकर खरीदारी की। शाम के समय दंगल आयोजित किया गया। इसमें क्षेत्र के नामी पहलवानों के अलावा कई जिलों के पहलवान भी पहुंचे। आसौदा के अलावा मांडोठी व टांडाहेड़ी में भी हर साल की तरह दादा बूढ़े के मेले का आयोजन धूमधाम से किया गया। यहां दिल्ली, राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत दूर-दूर से लोग पहुंचे।