शहर के पुराने औद्योगिक क्षेत्र में स्थित सर्जिकल सामान बनाने वाली एक फैक्टरी में बृहस्पतिवार की देर शाम आग लग गई। आग सबसे पहले गोदाम में लगी थी और यहां से फैक्ट्री परिसर तक पहुंच गई। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंची, लेकिन आग भड़कती चली गई।
ऐसे में आग पर काबू पाने के लिए रोहतक और झज्जर से भी दमकल की गाड़ियों को बुलाना पड़ा। आग बुझाने की कोशिशें देर रात तक जारी थी। आग से करोड़ों रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। गनीमत यह रही कि वक्त रहते सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को बाहर निकाल लिया गया, जिसकी वजह से जानी नुकसान नहीं हुआ है।
शहर में दिल्ली-रोहतक रोड स्थित पर्यटन स्थल गोरैया के पीछे स्टेरीमेड सर्जिकल प्राइवेट लिमिटेड नाम से फैक्टरी है। इस फैक्टरी में सर्जिकल सामान बनता है, जिसमें मेडिकल टेप, महंगी सिरिंज, बैंडेट और कई तरह का सामान शामिल है। फैक्टरी में तीन शिफ्टों में चौबीसों घंटे उत्पादन कार्य चलता है। बृहस्पतिवार की देर शाम करीब साढ़े आठ बजे भी फैक्टरी में काम हो रहा था।
अचानक पुराने औद्योगिक क्षेत्र की दिशा में गेट नंबर दो के पास फैक्टरी के गोदाम में आग लग गई। फैक्टरी कर्मचारियों ने बताया कि आग गोदाम में गेट की तरफ वाले कोने से शुरू हुई। कर्मचारियों ने तुरंत इसकी सूचना स्थानीय फायर ब्रिगेड को दी।
देेखते ही देखते आग फैलने लगी। फैक्टरी सुपरवाइजरों ने अंदर काम कर रहे सभी कर्मचारियों को भवन के अंदर से बाहर निकलने और आग पर काबू पाने में मदद करने को कहा। कर्मचारियों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग विकराल रूप लेती गई।
पूरे गोदाम को आग ने अपने आगोश में ले लिया। सूचना मिलते ही एक के बाद बहादुरगढ़ फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियां मौके पर पहुंची और दमकल कर्मियों ने आग बुझाने की कोशिश शुरू की। मौके पर बचाव के इंतजाम देखने और बचाव कार्यों को सुचारु कराने के लिए पुलिस भी मौके पर पहुंच गई।
दमकल गाड़ियों का पानी खत्म होने पर फैक्टरी परिसर में हाइड्रेंट, आग बुझाने के लिए नलकूप आदि के इंतजाम नहीं थे। फायर ब्रिगेड को पानी कई किलोमीटर दूर स्थित अपने दमकल स्टेशन से लाना पड़ा। इससे दमकल कर्मियों को आग बुझाने में दिक्कत आई। आग लगातार फैल रही थी, जिसके चलते झज्जर व रोहतक से भी दमकल गाड़ियां बुलानी पड़ी।
झज्जर से जिला दमकल अधिकारी राजेंद्र सिंह दहिया खुद घटना स्थल पहुंचे। आग पर काबू पाने के लिए युद्ध स्तर पर प्रयास जारी थे, लेकिन देर रात तक आग पर काबू नहीं पाया जा सका। फैक्टरी के विशाल भवन की प्रत्येक खिड़की से आग की भयावह लपटें निकल रही थीं। इस हादसे से काफी मात्रा में फैक्टरी का तैयार और कच्चा माल व कई मशीनें नष्ट हो गई हैं।
फैक्टरी प्रबंधन की ओर से तो इस मामले में कोई भी बोलने को तैयार नहीं हुआ, लेकिन दमकल अधिकारी दहिया के मुताबिक इस हादसे में करोड़ों रुपये का नुकसान हो गया। बता दें कि करीब दो साल पहले भी इस फैक्टरी में आग लगने से करोड़ों रुपयों का नुकसान हो गया था।