झज्जर। जिला में चल रहे लॉकडाउन के दौरान प्रवासी श्रमिकों और जरूरतमंद लोगों को रहने और भोजन की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की गई है। उपायुक्त जितेंद्र कुमार का कहना है कि जहां रात्रि ठहराव जरूरतमंद लोगों को करवाया जा रहा है वहीं भोजन भी उसी अनुरूप वितरित किया जा रहा है। जिले के झज्जर शहरी क्षेत्र, बेरी, बहादुरगढ़ व बादली में अब तक कुल 864 लोग 15 अस्थायी शेल्टर होम में रह रहे हैं।
उपायुक्त जितेंद्र कुमार ने कहा कि जिले के लोग जहां अपने घरों में रहकर कोरोना वायरस से बचाव में सहयोगी बन रहे हैं। वहीं जिला में आए प्रवासी श्रमिकों व अन्य जरूरतमंद लोगों को पूरा सहयोग प्रशासन की ओर से सामाजिक संस्थानों को भागीदार बनाते हुए दिया जा रहा है। उपायुक्त ने बताया कि जिला में कोई भी व्यक्ति सड़क पर रात्रि न बिताए और हर एक को भोजन मिले इसके लिए निगरानी भी की जा रही है। संबंधित एसडीएम की ओर से निरंतर शेल्टर होम का निरीक्षण करते हुए लोगों को राहत प्रदान की जा रही है। अस्थायी शेल्टर होम में नियमित तौर पर स्वास्थ्य की भी जांच चिकित्सकों की टीम द्वारा की जा रही है।
सोमवार तक झज्जर जिला में आए प्रवासी श्रमिकों और अन्य जरूरतमंदों की संख्या
शेल्टर होम क्षमता प्रवासी श्रमिक
जटिया धर्मशाला, झज्जर 40 35
राजकीय वरि.मा.विद्यालय झज्जर 150 120
रा.क.व.मा.विद्यालय, झज्जर 100 76
यादव धर्मशाला, झज्जर 80 65
राधा स्वामी सत्संग घर कोट गांव 60 50
ब्राह्मण धर्मशाला, झज्जर 60 60
सैनी धर्मशाला, सीताराम गेट झज्जर 50 25
सैनी धर्मशाला, वार्ड 5 झज्जर 50 30
अग्रवाल धर्मशाला बहादुरगढ़ 110 100
परशुराम धर्मशाला, बहादुरगढ़ 80 39
गणपति धाम, बहादुरगढ़ 110 100
करोड़ भवन, बहादुरगढ़ 40 36
राधा स्वामी सत्संग घर, बहादुरगढ़ 80 70
रैन बसेरा, बेरी 50 20
चौ.धीरपाल राजकीय महाविद्यालय बादली 400 38
वर्जन
अतिरिक्त उपायुक्त उत्तम सिंह सहित संबंधित एसडीएम और अन्य विभागीय अधिकारियों के साथ लॉकडाउन के दौरान आम जन की सुविधाओं का विशेष ध्यान रख रहे हैं। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति निर्बाध रूप से झज्जर जिला में हो रही है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस विभाग भी पूरी तरह से सतर्क है और किसी भी रूप से कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
- जितेंद्र सिंह, डीसी, झज्जर।