जिला की सीमा पर लगाया गया पुलिस नाका।
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झज्जर। लॉक डाउन के दौरान सरकार की सख्ती के बाद भी प्रवासी श्रमिक अपने घरों की ओर जाने की कोशिश कर रहे हैं। इस पर पाबंदी लगाने के लिए जिले की सीमाएं पूरी तरह से सील कर दी हैं। रात के बाद जिला में किसी भी रास्ते से प्रवासी श्रमिकों को प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है। वहीं वाहन चालकों को भी जांच के बाद आवश्यक होने पर ही जिला में में प्रवेश करने दिया जा रहा है।
जिला में सोमवार को दिन भर कर्फ्यू जैसे हालात दिखाई दिए। अधिकांश नाकों पर पुलिस के जवान तो दिखाई दे रहे थे, लेकिन कोई भी व्यक्ति दिखाई नहीं दे रहा था। प्रवासी श्रमिकों को संबंधित जिला में ही हर संभव सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। रात के समय ही अधिकांश प्रवासी श्रमिकों के आवागमन पर रोक लगा दी गई थी। प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रवासी श्रमिकों की मूवमेंट को रोकने के लिए अंतरराज्यीय और अंतर-जिला सीमाएं सील करने के निर्देश दिए हुए हैं। रविवार देर शाम झज्जर जिला की सभी सीमाएं पूर्णतया सील कर दी गई। उसके बाद से सड़कों पर वाहनों का आवागमन भी कम हो गया है।
जिला की सीमा पर लगाए 14 नाके
पुलिस की तरफ से झज्जर जिला में अंतरराज्यीय दिल्ली सीमा से लगते 10 बार्डर नाके लगाकर सील कर दिए गए हैं। वहीं 14 अंतर जिला सीमाओं पर सतर्कता बरतते हुए नाकों को सील किया गया। यह कार्रवाई ऐसे लोगों के लिए की गई है जिनको जिला में ही रिलीफ कैंप में रखकर उनके खाने-पीने और रहने की व्यवस्था की गई है। इस कार्रवाई की कोई यदि अवहेलना करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वर्जन
मुख्यमंत्री के आदेशों का पालन करते हुए जिला की सीमाएं सील की गई हैं। श्रमिकों को रिलीफ कैंपों में हर संभव सहायता प्रदान की जा रही है।
- जितेंद्र कुमार, डीसी, झज्जर।