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Jhajjar-Bahadurgarh News: पोर्टल पर खेल...दूसरों के नाम दर्शाई किसानों की जमीन

Wed, 04 Oct 2023 01:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, झज्जर/बहादुरगढ़
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कृषि विभाग के अधिकारी से मिले अंबोली गांव के किसान, मुख्यालय को अवगत कराया, बड़े घपले की आशंका
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-कुछ लोगों पर रिश्तेदारों के नाम पर जमीन दर्ज कराने के लगाए आरोप
-पोर्टल पर करीब 1300 ने दर्ज कराया ब्यौरा, रिकॉर् 2100 दर्शा रहा
फोटो- 11-12
संवाद न्यूज एजेंसी
झज्जर। मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर अंबोली गांव के कई किसानों की जमीन दूसरे किसानों के नाम दर्ज कर दी गई। इसका पता चलते ही पीड़ित किसान जिला कृषि अधिकारी कार्यालय पहुंच गए और कृषि अधिकारी को पूरे मामले से अवगत कराया। ग्रामीणों का कहना है कि उनके गांव के करीब 1350 किसानों ने पोर्टल पर फसल को पंजीकृत कराया था लेकिन रिकॉर्ड में 2100 किसानों के नाम दर्ज हैं। कृषि अधिकारी ने जांच कराई तो ग्रामीणों की शिकायत सही मिली। मामले से मुख्यालय को अवगत करा दिया गया है। किसानों का आरोप है कि कुछ लोगों ने अपने रिश्तेदारों के नाम जमीनें दर्ज कराई हैं। गंभीरता से जांच हुई तो घपलेबाजी का बड़ा खेल सामने आ सकता है।
किसान सदन में गांव अंबोली के किसान पहुंचे और तकनीकी कृषि अधिकारी से मिले और उन्हें पूरे मामले की जानकारी दी। पोर्टल पर गांव के किसानों की जमीन उनके नाम न होकर दूसरों किसानों के नाम व दूसरे जिले के किसानों के नाम होने पर रोष व्यक्त किया। ग्रामीण सुभाष ने बताया कि उसके पास आठ एकड़ जमीन है, जो पोर्टल पर दीपक, पवन, सूरज, जगबीर के नाम दिखाई दे रही हैं। अंबोली के किसान राजपाल ने बताया कि उसकी ढ़ाई एकड जमीन सत्यवान, मुकेश के नाम पोर्टल पर दिखाई दे रही है। महाबीर के अनुसार उसकी जमीन मातन गांव के किसान के नाम दर्ज कर दी गई है। जिले सिंह ने कहा कि उसकी दो एकड़ जमीन राजबीर व संदीप के नाम पोर्टल पर दर्ज है। जो गलत है। इसी तरह ओमप्रकाश की पौने दो एकड़ जमीन सत्यवान के नाम से पोर्टल पर दर्ज दिखाई दे रही है। गांव के दो किसानों पर अपने रिश्तेदारों के नाम भी गांव के किसानों की फसल पंजीकृत कराने का आरोप किसान लगा रहे हैं। गुरुग्राम, रेवाड़ी के अलावा झज्जर के गांव नीमली व मातन के किसानों के नाम भी पोर्टल पर पंजीकृत दिखाए गए हैं। इस मामले में अब जिला प्रशासन इनके खिलाफ कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।
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क्या फायदा ऐसे पोर्टल का
किसानों ने बताया कि अधिकारी किसानों को गुमराह करने की बात कर रहे हैं और समाधान की भाषा नहीं बोल रहे। हालांकि बार-बार कृषि अधिकारी डॉ. ईश्वर जाखड़ किसानों को समझाते रहे और पोर्टल संबंधी जानकारी भी उन्हें विस्तार से दी गई, लेकिन किसानों ने कहा कि उनकी जमीन किसी दूसरे के नाम पर पोर्टल में चढ़ाई गई है तो ऐसे पोर्टल का क्या फायदा। जब उनके नाम से ही कोई दूसरा बाजरे की फसल को बेच देगा तो इससे उन्हें काफी आर्थिक नुकसान भी होगा और कोई फायदा भी नहीं होगा। इस पर किसानों ने कहा कि जल्द से जल्द पोर्टल पर सुधार कर उनके नाम पर जमीन की जाए। जो भी दोषी है, उन पर कानूनी कार्रवाई की मांग गई।
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वर्जन
गांव अंबोली के काफी किसानमिलने पहुंचे थे। उनकी जमीन संबंधी जांच की गई तो मामला सही पाया गया। पोर्टल पर जमीन के असली मालिक की जमीन दूसरे किसान के नाम पर दर्ज दिखाई दे रही हैं। आला अधिकारियों को चंडीगढ़ सूचित कर दिया गया है। ओर डीसी को भी मामले की जानकारी दे गई है।
डॉ. ईश्वर सिंह जाखड़, तकनीकी अधिकारी, कृषि विभाग झज्जर
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